Haryana news: हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पहली बार राज्य कैबिनेट की बैठक गुरुग्राम में आयोजित होने जा रही है, जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुलाया है। यह कदम न केवल प्रशासनिक विकेंद्रीकरण का संकेत देता है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
22 अप्रैल को PWD रेस्ट हाउस में होगी बैठक
जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम में 22 अप्रैल को सुबह 9 बजे कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। यह बैठक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में होगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंत्रियों के ठहरने तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

12 अहम प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों की मानें तो इस बैठक में करीब 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जुड़ा पीनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव भी फिर से एजेंडे में शामिल किया जा सकता है। पहले इस प्रस्ताव को मंत्रियों की आपत्तियों के चलते टाल दिया गया था, क्योंकि खर्चों का पूरा विवरण मांगा गया था।
विकास कार्यों की समीक्षा पर रहेगा कैबिनेट का फोकस
बैठक में राज्य के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के कई और वरिष्ठ मंत्री भी इसमें शामिल होंगे। प्रशासनिक स्तर पर एजेंडा तय करने, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों की लगातार बैठकें जारी हैं।

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था रहेगी कड़ी
कैबिनेट बैठक के मद्देनजर गुरुग्राम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। गेस्ट हाउस परिसर में बाहरी लोगों की एंट्री पर भी रोक रहेगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम में कैबिनेट बैठक आयोजित करना राज्य सरकार की रणनीतिक पहल है, जिससे प्रशासन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके और शहरी क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो।
