Paresh Rawal 70th Birthaday: 'बाबूराव' का 70वां जन्मदिन आज, जानिए फिल्मी सफर...

paresh-rawal-70th-birthday-filmy-journey-baburao-2025

Paresh Rawal 70th Birthaday: 'बाबूराव' का 70वां जन्मदिन आज, जानिए फिल्मी सफर...

paresh rawal 70th birthaday बाबूराव का 70वां जन्मदिन आज जानिए फिल्मी सफर

Akshay on Paresh Rawal Exit: परेश रावल के ‘Hera Pheri 3’ फिल्म छोड़ने पर अक्षय ने तोड़ी चुप्पी… आपको बता दें कि, परेश रावल का जन्म 30 मई 1955 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनके पिता बिजनेसमैन थे, परेश को बचपन से ही थिएटर में गहरी दिलचस्पी थी। स्कूल के दिनों से ही वे नाटकों में भाग लेते थे और 15 साल की उम्र में पहली बार उन्हें एक नाटक में अभिनय का मौका मिला।

थिएटर के दौरान मिली जीवनसाथी..

थिएटर के दिनों में ही परेश की मुलाकात अभिनेत्री स्वरूप संपत से हुई। 1975 में कॉलेज के समय स्वरूप ने परेश की एक स्टेज परफॉर्मेंस देखी और उनकी फैन बन गईं। शो खत्म होते ही उन्होंने बैकस्टेज जाकर परेश से मुलाकात की और वहीं से दोनों की दोस्ती की शुरुआत हुई, जो जल्द ही प्यार में बदल गई।

पहली नजर में प्यार, 12 साल बाद शादी...

परेश रावल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने स्वरूप को पहली नजर में देखकर ही शादी का फैसला कर लिया था। उन्होंने स्वरूप से कहा था कि - 'पहली बार स्वरूप को देखते ही उन पर फिदा हो गया था। जब यह बात अपने दोस्त महेंद्र जोशी को बताई तो उसने कहा कि तुझे पता है तू जिस कंपनी में काम कर रहा है उसके बॉस की बेटी है। मैंने कहा कि किसी की भी बेटी हो, बहन हो, मां हो, मैं इसके साथ शादी करूंगा।' उन्होंने आगे बताया कि - 'मैंने स्वरुप को 1975 में प्रपोज किया, और पहली मुलाकात के कुछ महिने बाद ही उन्होंने स्वरुप से कहा मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं। लेकिन ये मत कहना कि पहले एक - दूसरे को जानते हैं, फिर आगे बढ़ते है, क्योकि मरते दम तक कोई किसी को नहीं जान पाता इसलिए मेरे साथ ये वाली बातें मत करना।' 12 साल के रिश्ते के बाद, 1987 में उन्होंने मुंबई के लक्ष्मीनारायण मंदिर में एक पेड़ के नीचे सात फेरे लिए। इस शादी में सिर्फ 9 पंडित थे और कोई मंडप नहीं था। उनके दो बेटे हैं – आदित्य और अनिरुद्ध।

फिल्मी करियर की शुरुआत...

परेश रावल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1982 की गुजराती फिल्म ‘नसीब नी बलिहारी’ से की। बॉलीवुड में उन्होंने 1984 में केतन मेहता की फिल्म ‘होली’ से डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने हिंदी, मराठी और तेलुगु सिनेमा में भी शानदार अभिनय किया।

‘बाबूराव’ से मिली सबसे ज्यादा लोकप्रियता..

प्रियदर्शन की फिल्म ‘हेरा फेरी’ में ‘बाबूराव गणपत राव आपटे’ का किरदार परेश रावल के करियर का मील का पत्थर साबित हुआ। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। लेकिन अब यही किरदार उनके लिए एक बोझ बन चुका है।

राजनीति में भी आजमाया हाथ..

2014 में परेश रावल ने राजनीति में कदम रखा और अहमदाबाद ईस्ट से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। उन्होंने 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। परेश ने कहा था कि उन्हें यकीन था कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, इसलिए वह राजनीति में आए।

परेश रावल की फेमस फिल्में...

परेश रावल सबसे लोकप्रिय और वाणिज्यिक सफल फिल्मों में क्षणाशन (1991), मनी (199 3), मनी मनी (1995), गोविंदा गोविंदा (1994), रिक्शावुडू (1995), बावागरु बागुनारा (1998), शंकर दादा एमबीबीएस (2004), और टीन मार (2011) 2012 में आयी फिल्म ओह माई गॉड, वर्ष 2018 में राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू ,वेलकम बैक, फरारी की सवारी, रेडी, अतिथि तुम कब जाओगे?, मेरे बाप पहले आप, भूल भुलैया, मालामाल वीकल, भागम भाग, हंगामा, फिर हेरा फेरी इत्यादि।

240 से ज्यादा फिल्मों में किया अभिनय...

अपने चार दशक के करियर में परेश रावल ने करीब 240 फिल्मों में काम किया है। उन्होंने गंभीर, कॉमिक, निगेटिव हर तरह के किरदारों में जान डाली है। चाहे ‘सिर्फ तुम’ का खलनायक हो या ‘OMG’ का गहराई भरा किरदार – परेश रावल हर बार दर्शकों को चौंकाते रहे हैं।

 एक्टर को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं...

सुनील शेट्टी ने दी बधाई...

रितेश देशमुख ने दी बधाई..    

संबंधित सामग्री

भोपाल में खामेनेई की याद में ताज़ियती मजलिस, लगे अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे

राज्य

भोपाल में खामेनेई की याद में ताज़ियती मजलिस, लगे अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे

भोपाल के करोंद में अयातुल्लाह खामेनेई की याद में आयोजित ‘मजलिस-ए-ताज़ियत व इस्तेकामत’ में कई धर्मगुरुओं ने भाग लिया और उनके जीवन व संघर्षों पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स पहुंचकर पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी अंतिम श्रद्धांजलि

राज्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स पहुंचकर पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी अंतिम श्रद्धांजलि

पद्म विभूषण से सम्मानित और छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का रायपुर एम्स में निधन हो गया। उनके योगदान से भारतीय लोक संस्कृति को विश्वव्यापी पहचान मिली।

बारिश बनी आफत! कहीं वाटरफॉल में फंसे 100 पर्यटक, तो कहीं नदी में समा गए पूरे के पूरे घर!

देश-विदेश

बारिश बनी आफत! कहीं वाटरफॉल में फंसे 100 पर्यटक, तो कहीं नदी में समा गए पूरे के पूरे घर!

महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार और दिल्ली में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई घर बह गए, यातायात बाधित हुआ और पर्यटक फंसे।

हिमाचल सरकार का प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष जोर

राज्य

हिमाचल सरकार का प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष जोर

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कृषि विभाग को प्राकृतिक कृषि के विस्तार और बाजार उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए।

पंजाब में भी भाजपा सरकार बनने का दावा; CM नायब सैनी ने गिनाईं विकास योजनाएं

राज्य

पंजाब में भी भाजपा सरकार बनने का दावा; CM नायब सैनी ने गिनाईं विकास योजनाएं

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य ने पिछले 12 वर्षों में तेजी से विकास किया है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।