गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; ...

मुख्तार मलिक हत्याकांड का फैसला

गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; एक आरोपी को 7 साल की सजा

मध्य प्रदेश के गैंगस्टर मुख्तार मलिक की हत्या मामले में राजस्थान की अदालत ने 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 दोषियों को उम्रकैद कोर्ट का बड़ा फैसला एक आरोपी को 7 साल की सजा

गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; एक आरोपी को 7 साल की सजा | None

मध्य प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में राजस्थान के झालावाड़ की एडीजे कोर्ट ने मंगलवार को एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि एक आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया। इसके साथ ही सभी दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

पुलिस ने इस मामले में कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 94 दस्तावेज और 44 गवाह पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

फायरिंग से दहला था बांध क्षेत्र

यह सनसनीखेज वारदात 2 जून 2022 की रात की है। काली सिंध बांध के भराव क्षेत्र में मछली ठेकेदारी को लेकर विवाद के बाद मुख्तार मलिक और आरोपी अब्दुल बंटी के बीच फोन पर तीखी बहस हुई थी। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को जान से मारने की धमकी दे डाली।

घटना की रात मुख्तार अपने साथियों के साथ मोटर बोट से कांसखेड़ली गांव के पास भीमसागर बांध पहुंचा। वहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसकी नाव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग भी हुई और पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा।

मुख़्तार मलिक

हमले में तीन लोग हुए थे लापता

इस हमले में मुख्तार मलिक, उसका साथी कमल और सहयोगी विक्की वाहिद लापता हो गए थे। अगले दिन पुलिस को कमल का शव पानी में मिला, जबकि विक्की किसी तरह बचकर भोपाल पहुंच गया | दो दिन बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को गंभीर रूप से घायल अवस्था में मुख्तार मलिक जंगलों में मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल का कुख्यात गैंगस्टर था मुख्तार

मुख्तार मलिक भोपाल का एक कुख्यात गैंगस्टर था, जिसके खिलाफ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में करीब 60 आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल के वर्षों में वह प्रॉपर्टी और ठेकेदारी के कारोबार में सक्रिय हो गया था। वह पहली बार 1996-97 में चर्चा में आया था, जब उसके गुर्गों ने भोपाल के शाहजहानाबाद कोर्ट में खुलेआम फायरिंग की थी। इसके बाद 2003 में उसने भोपाल सेंट्रल जेल के डिप्टी जेलर पर भी हमला करवाया था।

लंबे समय तक अपराध की दुनिया में सक्रिय रहने वाले मुख्तार ने करोड़ों की संपत्ति भी अर्जित की थी।

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