रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर ‘डीपफेक’ ठगी; 22 हजार से 1 करोड़ रुपये कमाने का दिया जा रहा झांसा

डीपफेक से ठगी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर ‘डीपफेक’ ठगी; 22 हजार से 1 करोड़ रुपये कमाने का दिया जा रहा झांसा

रक्षा मंत्री के नाम से जुड़े फर्जी डीपफेक वीडियो के जरिए ठगी का मामला सामने आया, जिसमें लोगों को करोड़पति बनने का लालच दिया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर ‘डीपफेक’ ठगी 22 हजार से 1 करोड़ रुपये कमाने का दिया जा रहा झांसा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर ‘डीपफेक’ ठगी; 22 हजार से 1 करोड़ रुपये कमाने का दिया जा रहा झांसा | None

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल अब आम लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगा है। ताजा मामला रक्षा मंत्री के नाम से जुड़े एक फर्जी ‘डीपफेक’ वीडियो का है, जिसमें लोगों को चंद हजार रुपये निवेश कर करोड़पति बनने का लालच दिया जा रहा है। यह मामला साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर करता है।

डीपफेक वीडियो से दिया जा रहा करोड़ों का लालच

डीपफेक वीडियो का स्क्रीनशॉट

सोशल मीडिया पर वायरल किए गए एक फर्जी वीडियो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसा दिखने और बोलने वाला चेहरा दिखाकर लोगों को निवेश के लिए फंसाने की कोशिश की गई। करीब 1 मिनट 46 सेकंड के इस वीडियो में दावा किया गया कि मात्र 22 हजार रुपये लगाकर एक महीने में 1 करोड़ रुपये तक कमाए जा सकते हैं।

इतना ही नहीं, ठगों ने यह भी लालच दिया कि अगर मुनाफा नहीं हुआ तो 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

सरकार और बड़ी कंपनियों के नाम का दुरुपयोग

वीडियो को विश्वसनीय बनाने के लिए भारत सरकार की मंजूरी का झूठा दावा किया गया। साथ ही, एसबीआई, पीएनबी और इन्फोसिस जैसी नामी संस्थाओं को ‘ऑफिशियल पार्टनर’ बताकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की गई।

वीडियो का फॉर्मेट भी शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट जैसा बनाया गया, ताकि यह असली लगे और लोग आसानी से जाल में फंस जाएं।

तुरंत निवेश के लिए बनाई गई रणनीति

लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए वीडियो में यह भी दिखाया गया कि इस स्कीम की मांग इतनी ज्यादा है कि रजिस्ट्रेशन बंद होने वाले हैं। साथ ही, नीचे दिए गए लिंक को ‘सीमित समय का मौका’ बताकर क्लिक करने के लिए उकसाया गया। तकनीकी जांच में सामने आया कि इस वीडियो को एक संदिग्ध वेबसाइट के जरिए फैलाया जा रहा था, जिसकी पहचान छिपाने के लिए क्लाउड तकनीक का सहारा लिया गया। फेसबुक पर इसे एक फर्जी पेज से शेयर किया गया था, जिसे कंसल्टेंसी एजेंसी के रूप में पेश किया गया। हालांकि, बाद में यह वीडियो हटा लिया गया।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे फर्जी वीडियो वायरल

प्रतीकात्मक तस्वीर

यह पहला मामला नहीं है जब किसी बड़े नेता या उद्योगपति के नाम का इस्तेमाल कर ठगी की कोशिश की गई हो। इससे पहले भी प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और कई बड़े उद्योगपतियों के नाम पर ऐसे फर्जी निवेश स्कीम वाले वीडियो वायरल हो चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। 2022 में जहां 10.29 लाख मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 22.68 लाख हो गई।

साल 2024 में ही लोगों ने साइबर ठगी में 22,845 करोड़ रुपये गंवा दिए, जो 2023 की तुलना में 200 प्रतिशत से अधिक है।

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