indore my hospital: एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने ‘ऑपरेशन रैट किल’ शुरू किया है। अब अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल की मॉनिटरिंग डॉ. महेश कछारिया (असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट) के नेतृत्व में की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने हर यूनिट के इंचार्ज डॉक्टरों को चूहों का सफाया करने की जिम्मेदारी सौंप दी है।
indore my hospital: NICU और PICU पर विशेष फोकस
नवजातों के लिए सबसे संवेदनशील यूनिट, NICU और PICU, पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन यूनिट्स में वेंटिलेटर पर गंभीर रूप से बीमार बच्चे रहते हैं। इन नवजातों का हर अंग नाजुक होता है और इम्यूनिटी बेहद कमजोर होती है। अस्पताल प्रशासन ने गार्डों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी हालत में इन यूनिट्स में चूहों की एंट्री न हो।

अस्पताल के बाहर बम चेक करने जैसी चेकिंग
अस्पताल के बाहर बम चेक करने जैसी चेकिंग चूहों के आतंक को खत्म करने के लिए अस्पताल के और भी ज्यादा सख्ती की गई है। यहां तीन-तीन गार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। वे दिन-रात एंट्री करने वाले अटेंडर्स के सामान को बारीकी से चेक कर रहे हैं कि उसमें कोई खाद्य पदार्थ तो नहीं है। इसके अलावा परिसर के बाहर, जहां सार्वजनिक पार्किंग और अस्पताल के बगीचे हैं, वहां किसी भी जूठन या अन्य वेस्ट खाद्य पदार्थ तो नहीं है, उस पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे मॉनिटरिंग
चूहों की धरपकड़ के लिए हर कॉरिडोर, वार्ड और यूनिट में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। हालांकि अस्पताल में चूहों का ज्यादातर मूवमेंट फ्लोर पर ही रहा है। साथ हा वे पलंग, स्लाइन बोतलों के स्टैंड, वार्डों में मरीजों और ड्यूटी रूम में रखी भोजन की छोटी आलमारियों और बड़ी टेबलों तक पहुंच जाते हैं। वे टेबलों और अलमारियों में रखी दवाइयां तक खा जाते हैं।
इन डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस
मंगलवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में इस मामले की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरी कार्यवाही निष्पक्षता, पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर की जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं की छवि को धूमिल करती हैं, दोषी व्यक्तियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रोकथाम उपाय तुरंत लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल सुपरिटेंडेट डॉ. अशोक यादव, डॉ. बृजेश लाहोटी (HOD, PIC), प्रो. डॉ. मनोज जोशी और सहायक प्रभारी नर्सिंग अधिकारी कलावती भलावी को घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
Read: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद साय कैबिनेट की पहली मीटिंग
