पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस में फूट, पूर्व CM चन्नी और वड़िंग एक दूसरे के खिलाफ
पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट का खतरा और बढ़ गया है। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रधान राजा वड़िंग ने खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। चन्नी और उनके बेटे रिदमजीत सिंह ने रील शेयर की थी, जिसमें ‘कुछ लोग गलतफहमी में हैं कि हम जवाब नहीं देंगे। तैयारी थोड़ी बड़ी है, सब्र रखो, पल-पल का हिसाब लेंगे।’ डायलॉग था।
‘रील डालने से कोई नहीं जीतता’
इसके जवाब में राजा वड़िंग ने कहा- रील डालने से कोई नहीं जीतता। पंजाब में कोई किसी को जिता या हरा नहीं पाता। अगर लीडर काम का नहीं है तो वह नहीं जीतेगा, चाहे सोशल मीडिया पर जितनी भी पोस्ट कर ले या फिर रील डाल ले। अगर ऐसा होता तो सिद्धू मूसेवाला चुनाव न हारते, उनकी तो रील के मिलियन व्यूज होते थे।
चुनाव हारने पर कसा तंज
इधर, वड़िंग ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के खिलाफ बयानबाजी करने पर सनौर से पूर्व MLA मदनलाल जलालपुर को पार्टी से निकाल दिया। मगर, इसके बाद पूर्व CM चन्नी उनके घर पहुंच गए और कहा कि ये वक्त लोगों को जोड़ने का है। हमारी लड़ाई आपस की नहीं बल्कि चुनाव में विरोधी पार्टियों से है। वड़िंग ने 2022 में चन्नी के भदौड़ व चमकौर साहिब सीट से चुनाव हारने पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा 2022 में जब मालवा से प्रकाश सिंह बादल जैसे दिग्गज हार गए तो यहां की 69 सीटों में सिर्फ 2 कांग्रेसी चुनाव जीते थे, जिनमें एक वो और दूसरे संदीप जाखड़ हैं।
वहीं चरणजीत चन्नी के चुनाव हारने के बाद करीब 7-8 महीने तक विदेश में रहने पर तंज कसते हुए वड़िंग ने कहा कि मैं चुनाव के बाद विदेश दौरे पर नहीं गया। तब धरने में 100 कांग्रेसी भी नहीं होते थे, उस वक्त से पार्टी को मजबूत कर रहा हूं।