पटना में सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, पुलिस पहरे में होगी शहर की सफाई
पटना नगर निगम समेत बिहार के कई नगर निकायों में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण राजधानी की सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। कई इलाकों में बदबू फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से न तो नियमित झाड़ू लगाई गई और न ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन संचालित हो सके।
पुलिस सुरक्षा में शुरू हुआ कचरा उठाव
शहर में बढ़ती गंदगी की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब पुलिस बल की निगरानी में कचरा उठाने का काम किया जा रहा है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि हर वार्ड में अतिरिक्त टीम बनाकर सफाई व्यवस्था बहाल की जाए। इसके साथ ही अधिकारियों को रात के समय विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
काम में बाधा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने साफ कहा है कि सफाई कार्य में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कुछ स्थानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को रोका जा रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। ऐसे मामलों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों को दिए निर्देश
प्रशासन ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर भी शिकंजा कसा है। सभी एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई एजेंसी जिम्मेदारी पूरी नहीं करती है तो उसके खिलाफ अनुबंध के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक और मैनुअल दोनों माध्यमों से दर्ज करने को कहा गया है।
नगर निगम ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की
नगर आयुक्त ने सफाईकर्मियों से जनहित को देखते हुए तुरंत काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यूनियन की ज्यादातर मांगों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और बाकी मांगों पर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है। पटना नगर निगम में 647 स्थायी, 3,816 दैनिक और 4,822 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी मदद से शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।