ओंकारेश्वर में बीजेपी को झटका, एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल
खंडवा जिले की धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक झटका लगा है। यहां बीजेपी के एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने सभी नए सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी की नीतियों को लेकर जमकर निशाना साधा और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
बीजेपी की नीतियों से परेशान होने का दावा
कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने कहा कि बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों से परेशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से ओंकारेश्वर के स्थानीय लोग कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों में अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।
अतिक्रमण कार्रवाई और नाविकों के मुद्दे उठाए
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने ओंकारेश्वर में अतिक्रमण कार्रवाई और नाविकों की समस्याओं को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को डर है कि कहीं अतिक्रमण के नाम पर उनकी दुकानें न तोड़ दी जाएं। वहीं नर्मदा नदी में नाव चलाने वाले नाविकों को भी अपने रोजगार को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि इन्हीं मुद्दों के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कई स्थानीय नेताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता
कांग्रेस में शामिल होने वालों में पंडित हितेष पुरोहित, विजयराज सोलंकी, गुड्डू भाई, कुंदन चौहान, कान्हा चावड़ा, संतोष, लक्ष्मण, मुकेश केवट और रवि केवट सहित कई कार्यकर्ता शामिल हैं। सभी नए सदस्यों को कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने पार्टी का गमछा पहनाकर सदस्यता दिलाई और संगठन को मजबूत करने की बात कही।
ओंकारेश्वर में बढ़ी राजनीतिक हलचल
ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने से स्थानीय राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस इसे बीजेपी के खिलाफ बढ़ते असंतोष के रूप में पेश कर रही है, जबकि बीजेपी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। आने वाले समय में स्थानीय मुद्दों को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।