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भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By : divya mistry
भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Mahaveer jayanti: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे। भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है। ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है। जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने के बजाय, जिनेन्द्रिय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्द्रियों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये। आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है।

[caption id="attachment_143934" align="alignnone" width="1184"]भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक-मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक-मुख्यमंत्री डॉ. यादव[/caption]

Mahaveer jayanti:महावीर जयंती की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में श्री मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

Mahaveer jayanti:'महावीर अलंकरण' प्रदान किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, श्री हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को 'महावीर अलंकरण' प्रदान किया। साथ ही सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है। आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन उच्च कोटि की समाज सेवा के जीवंत उदाहरण है। महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण समारोह के रूप में इन दोनों फेडरेशन्स का यह संयुक्त प्रयास अद्भुत संगठन शक्ति, समर्पण और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है।

हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में चल रहे वैश्विक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि स्वहितों के लिए पूरे विश्व को विषम और असामान्य सी परिस्थितियों में ला देने वाले लोगों को भगवान महावीर के 'अहिंसा परमो धर्म:' सूत्र वाक्य को याद करना चाहिए। क्योंकि हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं, बल्कि करुणा और संयम ही है।

संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं। हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए। हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है। पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच क्रमेन्द्रियां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है। जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है।

सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए। जैसा आहार होगा, वैसा ही हमारा मन और विचार होंगे। परमात्मा ने एक चीज हम सबको दी है और वह है ऑक्सीजन, जो हम सबके जीवन के लिए जरूरी है। आज हमारी ऊर्जा का स्रोत भी सात्विक होना चाहिए। इसीलिए हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, सूरज कैरो सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थि त थे।

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