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GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER : गुजरात के बनासकांठा में पीने के पानी का दुरुपयोग,टंकी के प्रबंधन में लापरवाही

GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER : गुजरात के बनासकांठा जिले के वडगांव तालुका में स्थित पालड़ी गांव में पीने के पानी का दुरुपयोग चिंता का विषय बना हुआ है. गांव में धरोई सिंचाई योजना के तहत पीने का पानी उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इसकी बर्बादी ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी पैदा कर दी है. गांव में पानी संग्रहण के लिए बनाई गई बड़ी टंकी के प्रबंधन में लापरवाही के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है.

[caption id="attachment_78162" align="alignnone" width="300"] GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER[/caption]

GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER : पानी की आपूर्ति के लिए एक विशाल टंकी का निर्माण

पालड़ी गांव में धरोई सिंचाई योजना के अंतर्गत पीने के पानी की आपूर्ति के लिए एक विशाल टंकी का निर्माण किया गया है.इस टंकी का उद्देश्य गांव के लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है. हालांकि, टंकी के भर जाने के बाद भी पानी की आपूर्ति बंद नहीं की जाती, जिसके चलते अतिरिक्त पानी पाइपलाइन से बहकर सड़कों पर जमा हो जाता है.यह स्थिति न केवल पानी की बर्बादी को दर्शाती है, बल्कि गर्मी के मौसम में भी सड़कों पर बारिश जैसे हालात पैदा करती है. सड़कों पर जमा पानी के कारण वाहन चलाने और पैदल चलने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने गांव के मुखिया से की शिकायत

GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER : इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने गांव के मुखिया से शिकायत की। मुखिया ने उच्च अधिकारियों को इस मुद्दे से अवगत कराया, लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ लोग पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की लापरवाही से कीमती पानी बर्बाद हो रहा है। यह विडंबना गांव में असंतोष का कारण बन रही है।

GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER : पानी की समस्या गंभीर

गर्मी के दिनों में जब पानी की मांग चरम पर होती है, तब इस तरह की बर्बादी और भी गंभीर समस्या बन जाती है। सड़कों पर जमा पानी न केवल संसाधनों का दुरुपयोग है, बल्कि यह स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए और टंकी के पानी के प्रबंधन के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

GUJARAT BANASKANTHA WASTE OF WATER : तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता

इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। पानी की आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए स्वचालित वाल्व या नियमित निगरानी की व्यवस्था की जा सकती है। साथ ही, ग्रामीणों को भी जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे पानी के महत्व को समझें और इसका दुरुपयोग रोकने में सहयोग करें। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह न केवल पालड़ी गांव, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन सकती है।

मोहन भाटिया की रिपोर्ट