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सीएम सुखविंदर सुक्खू उपवास: मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने क्यों रखा 2 घंटे का उपवास..जानिए

By : divya mistry
सीएम सुखविंदर सुक्खू उपवास: मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने क्यों रखा 2 घंटे का उपवास..जानिए
सीएम सुखविंदर सुक्खू उपवास: हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें बदलाव किए जाने के विरोध में 2 घंटे का उपवास रखा.इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि.. भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने न केवल मनरेगा का नाम बदला है, बल्कि इस योजना की मूल भावना को भी कमजोर किया है. [caption id="attachment_131499" align="alignnone" width="300"]मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू[/caption]

सीएम सुखविंदर सुक्खू उपवास: रोजगार प्रदान करने में भूमिका

साथ ही उन्होंने पहले कहा था कि इस योजना ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को रोजगार के मौके किए थे, लेकिन अब रोजगार के अवसर कम किए जा रहे हैं.इसके बाद आगे कहा की पहले ग्राम प्रधानों को मनरेगा से सड़क निर्माण जैसे कार्यों को करने का अधिकार मिला था और जिससे लोगों के घरों के पास रोजगार सुनिश्चित होता था. कोविड-19 महामारी के दौरान इस योजना ने लोगों को अधिकतम रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. Also Read-हमीरपुर में 11 विभागों के साथ स्थापित होगा अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर-मुख्यमंत्री सुक्खू

राज्यों को दिक्कत क्या है?

मुख्यमंत्री ने आगे ये भी कहा है कि पिछले 20 सालों से मनरेगा रोजगार की गारंटी देता रहा है और काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी प्रदान करता रहा है.सरकार का कहना है कि.. अब काम के दिनों में बढ़ोतरी करके नया विजन पेश किया गया है. पुराने मनरेगा कानून में ग्रामीण परिवारों को साल में कम से कम 100 दिनों के अकुशल काम की गारंटी दी जाती थी. Also Read-मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात

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