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Monsoon Session 2025 : संसद में बवाल तय, 21 जुलाई से होगी शुरुआत
☔Monsoon session 2025 start : संसद में बवाल तय? विपक्ष करेगा ऑपरेशन सिंदूर पर तीखे सवाल! ?️
Monsoon session 2025 start : नई दिल्ली: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को एलान किया कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह जानकारी आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि सत्र से पहले ही कई संवेदनशील मुद्दे गर्मा चुके हैं।
सत्र की तारीखें लगभग समान हैं, लेकिन इस बार राजनीतिक माहौल ज्यादा संवेदनशील है।
? विपक्ष की तैयारी: ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला प्रमुख मुद्दे
विपक्षी दल पहले ही जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने सुरक्षा में लापरवाही बरती, जिसके चलते नुकसान हुआ। माना जा रहा है कि संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस हो सकती है।? क्या इस बार भी सत्र में हंगामा तय है?
पिछले कुछ सत्रों की तरह इस बार भी विपक्ष के हंगामे की पूरी आशंका है। संसद की कार्यवाही अक्सर बाधित होती है, जिससे जरूरी बिल और चर्चाएं अधूरी रह जाती हैं। इस बार विपक्षी दल खास तौर पर निम्न मुद्दों को उठाने की योजना में हैं:- ऑपरेशन सिंदूर में सेना को हुए नुकसान पर स्पष्टीकरण
- पहलगाम हमले की जांच और आतंकियों की पहचान
- न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर महाभियोग प्रस्ताव
- महंगाई, बेरोजगारी और मणिपुर हिंसा जैसे सामाजिक मुद्दे
⚖️ महाभियोग प्रस्ताव पर रिजिजू का बयान
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा पर लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर भी नजरें टिकी हैं। इस पर रिजिजू ने कहा:"यह मामला न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसमें राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। सभी दलों को मिलकर इस पर निर्णय लेना होगा।"उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी प्रमुख दलों से संपर्क कर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
? पिछले साल की तुलना: 2024 और 2025 में क्या अंतर?
| वर्ष | सत्र की तारीखें | मुख्य मुद्दे |
|---|---|---|
| 2024 | 22 जुलाई - 12 अगस्त | मणिपुर हिंसा, जातिगत जनगणना |
| 2025 | 21 जुलाई - 12 अगस्त | ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद, महाभियोग |
? सियासी गर्मी: कांग्रेस vs भाजपा
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस बार सुरक्षा विफलता, सेना के नुकसान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की योजना में हैं। BJP की ओर से कहा गया है कि विपक्ष केवल हंगामे के लिए मुद्दे उठा रहा है और उनका उद्देश्य संसद की कार्यवाही को बाधित करना है।? क्या खास होगा मानसून सत्र 2025 में?
- 25+ नए बिल पेश होने की संभावना
- ऑपरेशन सिंदूर की आधिकारिक रिपोर्ट संसद में पेश हो सकती है
- महाभियोग प्रस्ताव पर पहली बार खुली बहस हो सकती है
- बेरोजगारी, महंगाई जैसे घरेलू मुद्दों पर सवाल-जवाब
? इस सत्र पर टिकी हैं देश की निगाहें
मानसून सत्र 2025 सिर्फ एक औपचारिक संसद सत्र नहीं है, यह देश के कई अहम सवालों के जवाब ढूंढ़ने का मंच बनने वाला है। सरकार के सामने जहां अपनी छवि साफ करने की चुनौती है, वहीं विपक्ष के पास जनहित के मुद्दों को उठाकर जनता का समर्थन पाने का मौका।Read More :- देश में बारिश का कहर: मिजोरम में 11 दिन में 626 भूस्खलन, असम-मणिपुर में 8 लाख लोग बेघर
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