NTA ने 47 अधिकारियों को किया बर्खास्त, जंतर मंतर प्रोटेस्ट करने वालों में क्रिमिनल भी शामिल, पुलिस ने की पहचान
NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। सूत्रों के हवाले से यह खबर दी। बर्खास्त अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज होगा। एक दिन पहले सरकार ने 17 सीनियर अधिकारियों के तबादले और प्रमोशन के आदेश जारी किए थे। सबसे बड़ा फेरबदल शिक्षा मंत्रालय में हुआ।
पदों पर हुई नई नियुक्तियां
1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के हायर एजुकेशन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया था। वे मौजूदा सचिव विनीत जोशी की जगह लेंगे। जबकि विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय सचिव बनाया गया। इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी T.K. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान
दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के जरिए जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान कर रही है। 216 लोग ऐसे मिले हैं जिनका पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा। इनमें वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली और बाकी जिलों के हैं। सूत्रों के अनुसार, वायरल सोशल मीडिया पोस्ट, CCTV फुटेज की FCR से जांच करने पर इन क्रिमिनल्स की पहचान हुई।
प्रदर्शन की फुटेज की जांच कर रही पुलिस
जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। कई वीडियोज ऐसे भी आए थे, जिनमें फोर्सेस पर भी हमला किया गया। फोर्सेस पर गलत बल प्रयोग के आरोप भी लगे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की फुटेज और फोटो जांच कर रहा है। इस बीच, रैपिड एक्शन फोर्स ने भी जरूरत से अधिक बल प्रयोग और पेलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी।
घायलों को मिली अस्पताल से छुट्टी
बताया जा रहा है CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस के किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसी पुलिस कर्मचारी और अधिकारी को सस्पेंड करने या विभागीय कार्रवाई करने की सोशल मीडिया पर आई खबर गलत है। पुलिस की तरफ से लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की। जितने पुलिस ऑफिशियल घायल हुए इनमें ज्यादातर को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। उनकी अब ड्यूटी लगाई जा रही है।
पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच
रैपिड एक्शन फोर्स ने दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन के दौरान जरूरत से अधिक बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने कहा कि RAF यह जांचेगी कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान RAF की टीमों ने क्या कार्रवाई की और किन परिस्थितियों में जवानों पर हमला हुआ। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर RAF जवानों की कई वीडियो सामने आए। इनमें कुछ वीडियो में जवानों को बंदूक और लाठी का इस्तेमाल करते और लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है।