देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी की कुल 296 विधानसभा सीटों पर आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। मतदान शाम 5 बजे तक जारी रहेगा.चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों पर सुबह मॉक पोलिंग कर ईवीएम और वीवीपैट की जांच की गई, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
दिग्गज नेताओं और सेलिब्रिटी ने डाला वोट
केरलम में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर में मतदान किया। वहीं अभिनेता मोहनलाल ने तिरुवनंतपुरम में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।इसके अलावा केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुरेश गोपी तथा भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने भी वोट डाला।कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने भी मतदान कर लोगों से भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
तीनों राज्यों में चुनावी मुकाबला दिलचस्प
केरलम में पहली बार कोई मुख्यमंत्री लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है। वहीं असम में भाजपा हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनाने का प्रयास कर रही है।पुडुचेरी में एन. रंगासामी पांचवीं बार सत्ता हासिल करने के लिए मैदान में हैं।

मतदान के बीच दिखी उत्साह और चुनौतियां
सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। पुडुचेरी में एक पोलिंग बूथ पर रोबोट द्वारा मतदाताओं का स्वागत किया गया, जो आकर्षण का केंद्र बना।हालांकि असम के बरपेटा इलाके में तेज बारिश के कारण मतदान प्रभावित हुआ और कई मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहली बार वोटर्स की बड़ी भागीदारी
तीनों राज्यों में इस बार करीब 10 लाख से अधिक प्रथम बार मतदाता वोट डाल रहे हैं। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि युवा मतदाताओं की भागीदारी इस बार के नतीजों में अहम भूमिका निभा सकती है।
चुनावी आंकड़े एक नजर में
- असम: 126 सीटें, 41 पार्टियां, 722 उम्मीदवार
- केरलम: 2.71 करोड़ मतदाता, 890 उम्मीदवार
- पुडुचेरी: 30 सीटें, 20 पार्टियां, 294 उम्मीदवार
मतदाताओं से अपील और सुरक्षा व्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों राज्यों के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है।
चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाई गई है और मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। तीनों राज्यों में मतदान प्रतिशत और रुझानों पर देशभर की नजर बनी हुई है। चुनाव परिणाम आने तक राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
