पहाड़ी थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन: प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में रोष

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पहाड़ी थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन: प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में रोष

पहाड़ी थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में रोष

Illegal Soil Mining: उत्तर प्रदेश के पहाड़ी थाना क्षेत्र के तौरा गांव में अवैध मिट्टी खनन जोरों पर चल रहा है। गांव के भइया तालाब और बड़े तालाब से दिन-रात जेसीबी मशीनों के जरिए मिट्टी निकाली जा रही है। दर्जनों ट्रैक्टर इस अवैध कार्य में लगे हुए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब बिना किसी वैध परमिट के हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण खनन माफिया बेरोकटोक इस गैरकानूनी काम को अंजाम दे रहे हैं।

तौरा गांव में अवैध खनन का खेल

स्थानीय निवासी राम मोहन ने बताया कि उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने इस अवैध खनन की जानकारी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को फोन के माध्यम से दी। इसके बावजूद, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की चुप्पी कहीं न कहीं खनन माफियाओं को संरक्षण दे रही है। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए चिंताजनक है, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रही है। [caption id="attachment_88891" align="alignnone" width="503"]तौरा गांव में अवैध खनन का खेल तौरा गांव में अवैध खनन का खेल[/caption]

Illegal Soil Mining: जल संरक्षण पर खतरा

तालाबों से हो रहा यह अवैध खनन केवल प्राकृतिक संसाधनों की क्षति तक सीमित नहीं है। यह पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण के लिए भी गंभीर खतरा बन रहा है। तालाब गांवों में जल संग्रहण का प्रमुख स्रोत होते हैं, और इनका अनियंत्रित दोहन भविष्य में जल संकट को और गहरा सकता है। इसके अलावा, जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग मिट्टी की संरचना को नुकसान पहुंचाता है, जिससे मृदा अपरदन की समस्या बढ़ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका, तो क्षेत्र की पारिस्थितिकी को अपूरणीय क्षति हो सकती है। Read more: हरदोई में जन सुनवाई: जिलाधिकारी ने दिलाया 90 लोगों को त्वरित न्याय

नियमों की अनदेखी 

उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार, 100 घन मीटर तक मिट्टी खनन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है, जबकि इससे अधिक मात्रा में खनन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है। साथ ही, किसी भी स्थिति में जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। तौरा गांव में हो रहा खनन इन सभी नियमों का खुला उल्लंघन है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।

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