जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया है।
सरकार ने साफ किया है कि आयोग केवल हादसे के कारणों की जांच ही नहीं करेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय करेगा। साथ ही पूरे प्रदेश में संचालित क्रूज, नौकाओं और जल क्रीड़ा गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट भी कराया जाएगा। सरकार के इस फैसले को भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की बड़ी पहल माना जा रहा है।
क्या जांच करेगा न्यायिक आयोग?
राज्य शासन की अधिसूचना के मुताबिक आयोग को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें हादसे के वास्तविक कारण, संचालन में हुई लापरवाही और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा शामिल है। आयोग यह भी देखेगा कि हादसे के समय सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं। साथ ही दुर्घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से चलाया गया, इसकी भी विस्तृत जांच होगी।
पूरे प्रदेश की क्रूज और नाव व्यवस्था का होगा ऑडिट
मध्य प्रदेश सरकार ने इस घटना के बाद केवल बरगी बांध तक जांच सीमित नहीं रखी है। आयोग को राज्य में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार “इनलैंड वेसल एक्ट 2021” और “एनडीआरएफ बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017” के अनुरूप सुरक्षा प्रमाणन व्यवस्था की भी समीक्षा कराएगी। इससे भविष्य में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को और सख्त किए जाने की संभावना है।
नई SOP और Quick Response Team की तैयारी
सरकार ने संकेत दिए हैं कि हादसे के बाद जल पर्यटन स्थलों के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जाएगी। आयोग क्रूज और नौकाओं के संचालन, रखरखाव और निगरानी के लिए एक समान मानक तय करेगा। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल पर्यटन और जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित होती हैं, वहां Quick Response Team (QRT) गठित करने की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो सके।
हादसे के बाद सरकार लगातार एक्टिव मोड में
बरगी बांध हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी और जांच के आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। वहीं हादसे के बाद पूरे प्रदेश में क्रूज संचालन पर अस्थायी रोक लगाने जैसे कदम भी उठाए गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में कई यात्रियों ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए थे। कुछ वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त जांच शुरू की। अब न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।