रक्षाबंधन के मौके पर जयपुर के मानसरोवर में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को रक्षासूत्र बांधा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पिछले पांच साल के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए अपनी सरकार के कामकाज का ब्योरा दिया और ‘2 साल बनाम 5 साल’ के मुद्दे पर कांग्रेस को चुनौती दी। मुख्यमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पलटवार किया।
कांग्रेस के 5 साल बनाम सरकार के 2 साल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, पेपरलीक और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में युवा, किसान और मजदूर परेशान रहे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से अपने पांच साल के शासन का हिसाब जनता के सामने रखने की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने राजस्थान के विकास का रोडमैप तैयार किया है। पानी, बिजली, रोजगार, किसान और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में सरकार ने काम किया है।
पानी-बिजली और रोजगार पर गिनाईं उपलब्धियां
CM भजनलाल ने कहा कि राजस्थान में दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की जल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। रामजल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते समेत कई योजनाओं का उन्होंने जिक्र किया। बिजली को लेकर उन्होंने कहा कि 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 1.89 लाख नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि 1.22 लाख नियुक्तियां प्रक्रिया में हैं और करीब 70 हजार नई भर्तियों की तैयारी चल रही है। उन्होंने प्रदेश में करीब 20 लाख महिलाओं के ‘लखपति दीदी’ बनने का भी दावा किया।
टीकाराम जूली का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनता को कब तक गुमराह करेगी। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार अपने दो साल के काम को कांग्रेस के पांच साल से बेहतर बता रही है तो विधानसभा में चर्चा के दौरान केवल सवा दो साल का प्रगति प्रतिवेदन क्यों रखा गया। जूली ने सरकार से विकास के दावों का स्पष्ट हिसाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता के सामने वास्तविक स्थिति भी रखी जानी चाहिए।
कानून-व्यवस्था और निकायों के मुद्दे पर घेरा
जूली ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपराध, चेन स्नैचिंग, साइबर ठगी, हत्या और अपहरण जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा। इसके साथ ही उन्होंने नगर निकायों और पट्टों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। जूली ने पूछा कि मौजूदा सरकार ने कितने पट्टे जारी किए और पिछली सरकार के समय कितने पट्टे जारी हुए थे। नए जिलों और निकायों से जुड़े फैसलों को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल खड़े किए। रक्षाबंधन के कार्यक्रम से शुरू हुआ यह सियासी वार-पलटवार अब विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों तक पहुंच गया है।