रविंद्र भवन में हुआ डॉ. हेडगेवार के जीवन और कार्यों पर केंद्रित महानाट्य का मंचन

महानाट्य का मंचन

रविंद्र भवन में हुआ डॉ. हेडगेवार के जीवन और कार्यों पर केंद्रित महानाट्य का मंचन

सीएम डॉ. यादव ने कहा - डॉ. हेडगेवार ने दिया था समानता का विचार। राष्ट्र, आज समान नागरिक संहिता का महत्व समझ रहा है।

रविंद्र भवन में हुआ डॉ हेडगेवार के जीवन और कार्यों पर केंद्रित महानाट्य का मंचन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देश भक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे भारत माता को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व  को पहले ही जान चुके थे, इस नाते उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी भूमिका का निर्वाह किया। वे दूरदर्शी सोच के साथ रचनात्मक प्रकल्प संचालित करते थे। डॉ. हेडगेवार के समता के भाव को  आज राष्ट्र भी अंगीकार कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल भी इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन में संस्कार भारती द्वारा द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष होने के अवसर पर हुए महानाट्य "युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार" के मंचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर  विशेष कार्य के लिए कोई निमित्त  ढूंढता है। स्वामी विवेकानंद की ये भविष्यवाणी कि आने वाली सदी भारत की होगी,आज चरितार्थ हो रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी डॉ. हेडगेवार जी की कल्पना के भारत के निर्माण में संलग्न हैं। राष्ट्र अपने गर्व और गौरव को प्राप्त कर रहा है।भारत की पहचान एक विधान है।हमारा मूल दर्शन समानता का है। डॉ. हेडगेवार ने स्वतंत्रता के पहले चुनौती भरे दौर में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि के भाव का प्रकटीकरण ही नहीं किया,लाखों लाख नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी दी।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती के डॉ. हेडगेवार के योगदान को नाटक के माध्यम से मंचित किये जाने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश विधानसभा में सम्मान नागरिक संहिता विधेयक पारित होने का उल्लेख करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

 कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारी श्री हेमंत मुक्तिबोध ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार राष्ट्र को वैभव की ओर ले जाने के भरसक प्रयास किए। यह नाटक उनके जीवन के समर्पण,राष्ट्र निष्ठा और कर्म आधारित जीवन के  स्वरूप को सामने लाने का माध्यम है। इस अवसर पर मंच पर वरिष्ठ पदाधिकारी  अशोक पांडे , फिल्म अभिनेता और रंगमंच निर्देशक राजीव वर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम में श्री शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक  एन पी नामदेव और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। आभार प्रदर्शन  श्री रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नाटक के कलाकारों को उत्कृष्ट अभिनय के लिए बधाई दी। नागपुर की नादब्रम्ह संस्था द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन श्री सुबोध सुरजीकर ने किया। नाटक के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से हुए नाटक में दक्ष कलाकारों ने प्रभावी अभिनय कर नाट्य प्रस्तुति  को सफल बनाया। देश के अनेक नगरों में नाटक का मंचन हुआ है।

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