महाकालेश्वर मंदिर की नई व्यवस्था

महाकाल की भस्म आरती के नियम बदले, अब 3 महीने में सिर्फ एक बार मिलेगी अनुमति

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में शामिल होने के लिए अब एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में केवल एक बार ही अनुमति मिलेगी।

By : नरेंद्र सिंह
महाकाल की भस्म आरती के नियम बदले, अब 3 महीने में सिर्फ एक बार मिलेगी अनुमति

उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब एक मोबाइल नंबर से तीन महीने के भीतर केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति प्राप्त की जा सकेगी। मंदिर प्रशासन ने बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और अधिक श्रद्धालुओं को अवसर देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।

एक मोबाइल नंबर से बार-बार बुकिंग पर रोक

मंदिर प्रशासन के अनुसार, कुछ लोग एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कर बार-बार भस्म आरती की अनुमति प्राप्त कर रहे थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी मोबाइल नंबर से दोबारा अनुमति लेने के लिए कम से कम तीन महीने का इंतजार करना होगा।

2024 में भी लागू किया गया था नियम

भस्म आरती अनुमति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वर्ष 2024 में तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन महीने बाद ही दोबारा अनुमति देने का नियम लागू किया था। हालांकि बाद में यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं रह सकी थी।अब मंदिर समिति ने इस नियम को फिर से सख्ती के साथ लागू करने का फैसला लिया है।

प्रोटोकॉल श्रेणी पर भी लागू होगी व्यवस्था

नई व्यवस्था केवल सामान्य श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहेगी। प्रोटोकॉल श्रेणी के माध्यम से नियमित रूप से भस्म आरती में शामिल होने वाले लोगों पर भी यह नियम लागू होगा। एक बार अनुमति मिलने के बाद उन्हें भी अगली अनुमति के लिए तीन महीने का इंतजार करना पड़ेगा।महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से मौजूद थी, लेकिन अब इसे अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही मोबाइल नंबर के बार-बार उपयोग को रोकने के लिए तकनीकी निगरानी भी बढ़ाई गई है।

श्रद्धालुओं को मिलेगा अधिक अवसर

मंदिर समिति का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से भस्म आरती में शामिल होने के इच्छुक अधिक श्रद्धालुओं को अवसर मिल सकेगा। साथ ही बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी।

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