सागर जहरीली शराब कांड को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता या लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी सिलसिले में उप-मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने 7 सितंबर को सागर का दौरा किया। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जहरीली शराब के सेवन से प्रभावित मरीजों का हाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
‘दोषी चाहे बड़ा हो या छोटा, बख्शा नहीं जाएगा’
मीडिया से बातचीत में जगदीश देवड़ा ने कहा कि सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन के मामले में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले से जुड़े संबंधित अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, वह चाहे बड़ा हो या छोटा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच अभी जारी है। प्रशासन पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रहा है।
30 आरोपियों पर केस, 14 गिरफ्तार
जगदीश देवड़ा के मुताबिक, जहरीली शराब मामले में फिलहाल 30 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मामले में शामिल लोगों तक पहुंचना और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है। प्रशासन को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
13 लोगों की मौत, प्रभावितों का इलाज जारी
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि जहरीली शराब के सेवन से अब तक 13 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। वहीं, अन्य प्रभावित मरीजों का उपचार जारी है। देवड़ा ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्वीकृति भी दी गई है।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने पर जोर
सरकार का कहना है कि कार्रवाई केवल मौजूदा मामले तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में जहरीली या अवैध शराब से जुड़ी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जगदीश देवड़ा ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का फोकस अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर है।