मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी है और ऐसे समय में नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो और संकट में फंसे किसी भी नागरिक को अकेला न छोड़ा जाए।
कलेक्टर-SP समेत सभी अधिकारी रहें सतर्क
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड और फील्ड अधिकारियों को मानसून सक्रिय रहने तक पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के लिए भी कहा गया है।
बाढ़ प्रभावितों को तुरंत राहत शिविर पहुंचाएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है, वहां रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। प्रभावित परिवारों को भोजन, कपड़े और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही पात्र प्रभावितों को नियमानुसार शासन की ओर से राहत राशि उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पन्ना में किलकिला नदी की बाढ़ से रेस्क्यू ऑपरेशन
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति की जानकारी ली। पन्ना की किलकिला नदी में बाढ़ के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीईआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। मुख्यमंत्री ने लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए कुछ स्थानों पर चल रहे रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण भी किया।
NDRF-SDRF की टीमें पूरी तरह मुस्तैद
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला संवेदनशील इलाकों में पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहे। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत और बचाव पहुंचाया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एक महीने में 2783 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर ज्यादातर क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं।
अचानक बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो-चार दिनों में फिलहाल किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है और पुलिस बल व राहत दल पूरी दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
मवेशियों समेत जान-माल की सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में प्रदेशवासियों के साथ-साथ उनके मवेशियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों से संवाद के बाद आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत किया गया है।