भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्राचार्यों को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया है। लगातार तीन साल तक बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों को विशेष सम्मान दिया जाएगा। ऐसे प्राचार्यों को सरकार की ओर से 1 लाख रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित स्कूल के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि बेहतर परीक्षा परिणाम और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूलों और प्राचार्यों को प्रोत्साहित किया जाए।
ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। करीब 350 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल क्लस्टर तैयार किया जाएगा। यहां मोबाइल उपकरण, नेटवर्क डिवाइस, ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर, 5G और 6G तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। वहीं राज्य सरकार करीब 170 एकड़ जमीन नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी,जिसकी अनुमानित कीमत 596 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस परियोजना से 12 से 15 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है और करीब 5 हजार रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
7 अगस्त से शुरू होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शुरुआत करेंगे। अभियान का शुभारंभ छिंदवाड़ा से किया जाएगा। इसके तहत सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में पहुंचकर जन संवाद और उद्योग संवाद कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अभियान के माध्यम से सुशासन, सेवा वितरण और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।
AI शिक्षा और सांदीपनि स्कूलों को मिलेगा विस्तार
प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए मिशन बुनियाद (AI) शुरू किया गया है। इसके तहत 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में कक्षा 8वीं से 11वीं तक AI आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी। वहीं प्रदेश में 60 नए सांदीपनि स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जिनके निर्माण पर करीब 2500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
10 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू
स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 10 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।