आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान दोनों नेता डेडियापाड़ा से आप विधायक और प्रमुख आदिवासी नेता चैतर वसावा से जेल में मुलाकात करेंगे। वसावा फिलहाल एक पुराने मामले में सजा के बाद जेल में हैं। आप के अनुसार, चैतर वसावा लंबे समय से आदिवासी समुदाय के अधिकार, सम्मान और कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। यही वजह है कि गुजरात के आदिवासी इलाकों में उन्होंने मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई है। जेल में रहने के बावजूद उनके समर्थकों और आदिवासी समुदाय के बीच उनका प्रभाव कायम बताया जा रहा है।
नर्मदा जिला पंचायत चुनाव में दिखा असर
चैतर वसावा की राजनीतिक पकड़ का असर हाल ही में हुए नर्मदा जिला पंचायत चुनाव में भी देखने को मिला। चुनाव में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद पार्टी में वसावा की भूमिका और उनके जनाधार को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। आप नेतृत्व का मानना है कि गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी की बढ़ती पकड़ के पीछे चैतर वसावा की सक्रिय राजनीतिक भूमिका अहम रही है। पार्टी अब इन्हीं क्षेत्रों में अपने संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
जेल में मुलाकात के राजनीतिक मायने
केजरीवाल और भगवंत मान की चैतर वसावा से जेल में प्रस्तावित मुलाकात को राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुजरात में आम आदमी पार्टी आदिवासी बहुल इलाकों में अपना संगठन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेताओं का वसावा से जेल में मिलना उनके प्रति समर्थन और भरोसे का संदेश माना जा रहा है। आप नेताओं का कहना है कि चैतर वसावा की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और आदिवासी समुदाय के अधिकारों व कल्याण से जुड़े मुद्दों को पार्टी आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी। केजरीवाल और भगवंत मान के गुजरात दौरे के दौरान अन्य राजनीतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में वसावा से मुलाकात के साथ-साथ पार्टी की गुजरात में आगे की रणनीति पर भी सबकी नजर रहेगी।