रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों ने विधानसभा तक मार्च किया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने छात्रों पर लाठियां बरसाई। पुलिस एक्शन के विरोध में BJP ने झारखंड बंद का आह्वान किया और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर टायर और अन्य सामान जलाकर आगजनी कर विरोध जताया।
ABVP और पुलिस के बीच झड़प
झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। कार्यकर्ता पुरानी विधानसभा के पास जुटे थे, जहां उन्हें हिरासत में लेने के लिए पुलिस आई। इसके बाद कुछ ABVP कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ पुलिस वैन के आगे बैठ गए। पुलिस लगातार उन्हें हटाने की कोशिश करती रही, इसी दौरान धक्का-मुक्की और झड़प हुई।
युवाओं को भटकाने का आरोप
मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष हल्ला करता रहेगा, हम अपना काम करते जाएंगे। प्रदेश सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है।” इधर भाजपा का आरोप है कि झारखंड सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर रही है। बता दे विधानसभा घेराव के दौरान 100 से ज्यादा छात्र घायल हुए। कई छात्रों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की भी खबर सामने आई है। वहीं, रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

दीपके का आया बयान
राज्य सरकार और छात्रों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। हालांकि सरकार ने छात्रों की 9 में से 6 मांगें मान ली हैं। छात्रों का कहना है कि अब वे सिर्फ CM हेमंत सोरेन से ही बातचीत करेंगे। झारखंड में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, "जब राजनीतिक पार्टियां विरोध-प्रदर्शन करती हैं, तो आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता? सिर्फ़ छात्रों के खिलाफ़ ही ऐसा क्यों किया जा रहा है?