हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रिपोर्ट को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है। उनकी सभी चल और अचल संपत्तियों का पूरा विवरण पहले ही चुनावी शपथपत्र में सार्वजनिक किया जा चुका है।
हिमाचल सीएम सुक्खू
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से रिपोर्ट की गलत व्याख्या की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस संपत्ति का उल्लेख किया जा रहा है, वह वर्षों पहले खरीदी गई थी और समय के साथ उसके बाजार मूल्य में स्वाभाविक वृद्धि हुई है। इसी कारण संपत्ति का मूल्यांकन बढ़ा है, न कि उनकी संपत्ति में कोई नई बढ़ोतरी हुई है।
'संदेह है तो ED और CBI से जांच करा लें'
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वह पिछले करीब चार दशकों से अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सार्वजनिक करते आ रहे हैं। यदि किसी को उनकी संपत्ति को लेकर किसी प्रकार का संदेह है, तो वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी जांच एजेंसियों से जांच कराने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी आय पूरी तरह मेहनत और ईमानदारी की कमाई है तथा उन्हें किसी भी प्रकार की जांच से कोई डर नहीं है। उन्होंने दोहराया कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता उनकी प्राथमिकता रही है और उन्होंने कभी भी अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी छिपाने का प्रयास नहीं किया।

ADR रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने ADR रिपोर्ट की सटीकता पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि रिपोर्ट में उनकी शैक्षणिक योग्यता तक का सही उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी एमए और एलएलबी जैसी डिग्रियों का जिक्र तक नहीं किया गया, जबकि यह जानकारी पहले से सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है। ऐसे में रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठते हैं।
दल-बदल की अटकलों पर भी दिया जवाब
कांग्रेस विधायकों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। कांग्रेस को ऐसे नेताओं की आवश्यकता है जो पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हों, न कि राजनीतिक अवसर देखकर दल बदलने वाले।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई नेता भी कांग्रेस के संपर्क में रहते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "चंदा चोर और पेपर लीक वाली पार्टी" के नेताओं के लिए कांग्रेस में कोई स्थान नहीं है।
प्रियंका गांधी के बयान का किया समर्थन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसकी छवि निष्कलंक हो, शिक्षा व्यवस्था की गहरी समझ रखता हो और जिसके कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने न आई हों।
कांग्रेस का चुनावी चिन्ह
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले प्रकाशित ADR की एक रिपोर्ट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को उत्तर भारत का सबसे अमीर मुख्यमंत्री बताया गया था। मुख्यमंत्री ने इसी रिपोर्ट की तथ्यात्मकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक तथ्यों के बजाय भ्रामक जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकाले गए हैं।