शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 1500 करोड़ रुपये की केंद्र की घोषित सहायता राशि को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश के हित में कभी परवाणू से नीचे भी जाना चाहिए। सुक्खू ने आरोप लगाया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भाजपा नेता सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा मुख्यालय दीपकमल में करीब 50 लोगों की सोशल मीडिया टीम उनकी सरकार के खिलाफ प्रचार में लगी हुई है।
अक्टूबर में प्रियंका गांधी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रियंका गांधी वाड्रा का देउरी स्कूल में बच्चों से संवाद करने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम के कारण वह मंडी नहीं पहुंच सकीं। सुक्खू के मुताबिक, मंडी में आपदा के दौरान प्रियंका गांधी ने स्कूल के पुराने क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी। सोमवार को प्रियंका गांधी का संदेश उनके राजनीतिक सलाहकार ने स्कूल में बच्चों को पढ़कर सुनाया। अब मुख्यमंत्री के अनुसार, अक्टूबर में प्रियंका गांधी के दोबारा देउरी स्कूल आने का कार्यक्रम बनाया जाएगा।
जल्द होगा हिमाचल में कैबिनेट विस्तार
कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी हाईकमान के साथ पहले दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। दूसरे दौर की चर्चा के बाद आलाकमान से मंजूरी मिलते ही कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
IAS-IPS-IFS कैडर में कटौती पर CM ने दिया तर्क
अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के कैडर में कटौती के फैसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल को IAS, IPS और IFS अधिकारियों की जरूरत है, लेकिन उनकी संख्या एक सीमा में होनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि जरूरत से ज्यादा अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसी वजह से सरकार ने कैडर की संख्या कम करने का निर्णय लिया है।
विधानसभा सत्र को लेकर निशाना
आगामी विधानसभा सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कभी 10 दिन का विधानसभा सत्र नहीं बुलाया गया। सुक्खू ने कहा कि अगर विपक्ष चाहे तो विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है, लेकिन सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार सत्ता पक्ष भी विपक्ष से सवाल पूछेगा।
नियुक्तियों और पेपर लीक पर सरकार का दावा
भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को लगातार नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने JBT, लेक्चरर, असिस्टेंट और स्टाफ नर्स समेत विभिन्न पदों पर हुई भर्तियों का जिक्र किया। सुक्खू ने कहा कि भाजपा को सरकार का ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया जाएगा।
1500 करोड़ की सहायता राशि पर सवाल
प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक प्रदेश को नहीं मिलने को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश हित में केवल बयानबाजी करने के बजाय जमीन पर आकर प्रदेश के मुद्दों को उठाना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को कभी ‘परवाणू से नीचे’ भी जाना चाहिए।
पुराने संपत्ति विवाद का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने पुराने संपत्ति विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 साल पहले उन्होंने हिमाचल में 14 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदा था, जिसकी कीमत अब करीब 2 करोड़ रुपये हो गई है। सुक्खू ने आरोप लगाया कि इस संपत्ति को लेकर भी उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार उनकी सरकार और व्यक्तिगत मामलों को लेकर सोशल मीडिया के जरिए प्रचार कर रही है।