भोपाल नगर निगम की बुधवार को ISBT स्थित मीटिंग हॉल में परिषद की बैठक हुई। बैठक में निगम के कई भवनों और कार्यालयों को किराए पर देने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं, शहर में जर्जर सड़कों, गड्ढों और जलभराव जैसे जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने को लेकर विपक्ष ने नाराजगी जताई।
भवन किराए पर देने पर सहमति
बैठक में नव निर्मित अटल भवन में कैफेटेरिया के लिए इंडियन हाउस को दो साल की अवधि के लिए किराए पर देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। इसके अलावा न्यू मार्केट स्थित जनसंपर्क कार्यालय, स्मार्ट सिटी कार्यालय के कुछ हिस्से, मनीषा मार्केट शाहपुरा की बिल्डिंग परमिशन शाखा और ISBT स्थित रिक्त कार्यालयों को भी किराए पर देने पर सहमति बनी। माता मंदिर स्थित हर्षवर्धन कॉम्पलेक्स के रिक्त कार्यालय और वार्ड नंबर-31 के नवीन मुख्यालय भवन के सर्विस ब्लॉक को भी आवंटित कर मासिक किराए पर देने का फैसला किया गया।
सड़क और जलभराव का मुद्दा उठा
बैठक में कांग्रेस के पार्षद मो. सरवर ने शहर की जर्जर सड़कों और जलभराव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें खराब हो चुकी हैं और जगह-जगह गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर बैठक में कोई विस्तृत चर्चा नहीं हुई। विपक्ष का कहना है कि शहर की सड़कें खुदी पड़ी हैं और बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ रही है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं।
टैक्स बढ़ोतरी को लेकर सवाल
बैठक की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने शहर में टैक्स बढ़ने का मुद्दा उठाया। उन्होंने महापौर मालती राय के बजट भाषण का हवाला देते हुए सवाल किया कि मार्च में बजट पेश करते समय शहरवासियों पर नया टैक्स नहीं बढ़ाने की बात कही गई थी, तो बाद में कई इलाकों के परिक्षेत्र बदलकर टैक्स का बोझ क्यों बढ़ाया गया। महापौर मालती राय ने जवाब दिया कि परिक्षेत्र हर साल बदले जाते हैं और इस बार भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिक्षेत्र बदले गए हैं।
बजट को लेकर आमने-सामने
महापौर के जवाब के बाद शबिस्ता जकी ने सवाल किया कि यदि परिक्षेत्र बदलना नियमित प्रक्रिया है तो इसकी जानकारी बजट भाषण में क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि शहरवासियों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ डालने से पहले इसकी स्पष्ट जानकारी परिषद के सामने रखी जानी चाहिए थी। विवाद बढ़ने पर परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि यह मुद्दा बजट पर चर्चा के दौरान उठाया जाना चाहिए था। इस पर जकी ने जवाब दिया कि बजट की जानकारी बैठक शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही दी जाती है, ऐसे में पार्षद पहले से इसकी तैयारी कैसे कर सकते हैं।
मास्टर प्लान लागू करने की मांग
भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी घेरी। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान का तत्काल लागू होना जरूरी है।
सोन चिरैया प्रस्ताव पर दोबारा विचार
बैठक में सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर से जुड़े प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने का फैसला लिया गया। इस प्रस्ताव को फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया गया और पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया गया। इसके बाद नगर निगम परिषद की बैठक स्थगित कर दी गई।
जनहित के मुद्दे एजेंडे से बाहर
विपक्ष ने आरोप लगाया कि परिषद की बैठक के एजेंडे में शहरवासियों से जुड़े कई अहम मुद्दों को शामिल नहीं किया गया। विपक्ष के मुताबिक बारिश के बाद सड़कों की हालत खराब है, जगह-जगह गड्ढे हैं और कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। विपक्ष का कहना है कि परिषद की बैठक में उन विषयों पर प्राथमिकता से चर्चा होनी चाहिए, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। सड़क, जलभराव और सफाई जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होने को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए।