Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice: नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में भारत के 20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को काले मोहरों से हराकर बड़ा उलटफेर किया है। यह प्रज्ञानानंदा की इस टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है।
प्रज्ञानानंदा की लगातार दूसरी जीत
इससे पहले 28 मई को प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से कार्लसन को शिकस्त दी थी। मंगलवार को काले मोहरों से मिली जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे मौजूदा समय के सबसे शानदार युवा खिलाड़ियों में से एक हैं।
Check out the incredible final moments of Praggnanandhaa taking down World no.1 Magnus Carlsen with the Black pieces in Round 8 of Norway Chess 2026!
— ChessBase India (@ChessbaseIndia) June 2, 2026
With this win, Pragg becomes the first Indian (and possibly in the world) player who defeated Magnus Carlsen in Classical Chess… pic.twitter.com/MFvJPdBHel
Praggnanandhaa after beating Magnus Carlsen twice in Norway Chess 2026 - " More than beating Magnus, winning a game in this tournament is more important at this stage. I'm happy that I got that!"
— ChessBase India (@ChessbaseIndia) June 2, 2026
Interview: @ram_abhyudaya/ ChessBase India pic.twitter.com/AS1H566DHY
19 साल बाद दोहराया गया अनोखा रिकॉर्ड
प्रज्ञानानंदा अब भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया है। इससे पहले यह कारनामा विश्वनाथन आनंद ने 2007 के लिनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में किया था। क्लासिकल शतरंज में पिछले 19 वर्षों में यह दूसरा मौका है जब किसी खिलाड़ी ने एक टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार मात दी हो।
गुकेश को फिरोज के हाथों मिली हार
फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को हराया। सफेद मोहरों से खेलते हुए फिरोजा ने एंडगेम में शानदार प्रदर्शन किया और 13 अंक हासिल कर लिए।
टूर्नामेंट लीडर वेस्ली सो और विंसेंट केमर के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ रहा। इसके बाद अर्मागेडन में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर 14 अंकों के साथ टॉप पोजीशन बरकरार रखी।
प्रज्ञानानंदा 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
दिव्या हारी, हम्पी जीती
टूर्नामेंट लीडर बीबीसारा असाउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को क्लासिकल मैच में हरा दिया। दिव्या तीसरे स्थान पर हैं। कोनेरू हम्पी का क्लासिकल मैच अन्ना मुजीचुक से ड्रॉ रहा, लेकिन अर्मागेडन में कोनेरू ने काले मोहरों से जीत दर्ज की।
नॉर्वे चेस का खास ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट
यह टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में चल रहा है। इसमें क्लासिकल मैच ड्रॉ होने पर तुरंत अर्मागेडन (सडन-डेथ) खेला जाता है। सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को जीतना अनिवार्य होता है, जबकि ड्रॉ पर काले मोहरों वाले को एक्स्ट्रा पॉइंट मिलता है। इसी फॉर्मेट की वजह से हर राउंड में नतीजा तय होता है।