Shivraj Singh Chouhan fifth term CM failure : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में एक आयोजन में अपनी भावुकता जताते हुए यह स्वीकार किया कि वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, यह उनके लिए एक बड़ी पीड़ा है। मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री बनकर नई जिम्मेदारियां संभाली हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद अधूरा रह जाने की वेदना उन्होंने खुलकर बयां की।
सीएम पद न मिलने का दर्द
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की लालसा उनके मन में गहरे से थी और इस पद को पाने का उनका लक्ष्य था, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों ने उन्हें बार-बार ये अवसर नहीं दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह असफलता उनके लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रही। भावुकता में उन्होंने अपने समर्थकों और जनता से भी अपील की कि वे उनके इस मनोबल को समझें और उन्हें नए मंच पर सफल बनाने की उम्मीद रखें।
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केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद नई चुनौतियां
मुख्यमंत्री पद नहीं मिलने का दर्द है, परंतु केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित के लिए काम करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझते हुए वे इस मंत्रालय में अपनी पूरी शक्ति लगाएंगे। 2025-26 की खरीफ फसल के लिए उन्होंने प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे किसानों की आय सुधारे जाने की दिशा में कदम बढ़ेंगे।
राजनीतिक सफर और भावुकता की झलक
चौहान के इस निवास में कई महीनों से चल रहे राजनैतिक गतिरोध के बाद उनका यह बिन्दु कहना कि वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद नहीं पा सके, यह साफ करता है कि राजनैतिक उतार-चढ़ाव उनकी लगन और जुनून को कम नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता और असफलता दोनों का सामना करना पड़ता है, और वह हर चुनौती को अपनाने को तैयार हैं। उनके इस बयान से उनके व्यक्तित्व की गहराई और संघर्ष की झलक मिलती है।
जनता से अपील
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद न मिलने के बाद भी उनका समर्पण और कर्तव्य न टूटेगा। उन्होंने जनता से मिलजुल कर काम करने का आग्रह किया और कहा कि किसान और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में वह बेहतर परिणाम लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे और फिर अवसर मिलने पर जिम्मेदारियां संभालेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद न मिलने के दर्द को व्यक्त करते हुए साथ ही केंद्रीय मंत्री के रूप में नई ऊर्जा और संकल्प का परिचय दिया है। उनके इस बयान में संघर्ष, उम्मीद और नई शुरुआत की झलक मिलती है जो उनके समर्थकों के लिए उत्साहवर्धक है।
