अलग-अलग घाटों पर स्नान करने की व्यवस्था
विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाटों पर स्नान करने की व्यवस्था की जा रही है। झूंसी के सेक्टर 4 में सबसे बड़ा एरावत स्नान घाट बनाया जा रहा है। यहां बिहार, बंगाल, ओड़िसा, छत्तीसगढ़, झारखंड के साथ पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के श्रद्धालु डुबकी लगा सकेंगे।

किस राज्य के श्रद्धालु कहा करेंगे स्नान?
मध्य उप्र और पश्चिमी उप्र, MP, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं को सेक्टर 1, सेक्टर 2 व 5 तथा 6 के घाटों पर स्नान कराया जाएगा। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों के लिए सेक्टर 4 व 6 के घाट निर्धारित किए जा रहे हैं।
Magh Mela 2026: साध्वी की जल साधना
माघ मेले में माता साध्वी ऋतुनंद गिरी जल साधना कर रही हैं। सेंट वाले बाबा भी खूब चर्चा में हैं। उनका गाना मेले में गाना गाते हैं.. फैशन चाहे जितना कर लो, चाहे मार लो सेंट, इस जगत में कोई न परमानेंट।


मेले में पैराग्लाइडिंग शुरू
Magh Mela 2026: महाकुंभ के दौरान पहली बार अरैल घाट पर शुरू हुई पैराग्लाइडिंग माघ मेले में भी शुरू हो चुकी है, जो 200 फीट ऊंचाई तक जाती है। बता दे, इस बार मेले में 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष से विशाल शिवलिंग बनाया जा रहा है। जबकि रविवार शाम को लेजर शो का ट्रायल भी किया गया। 14 जनवरी से मेले में लेजर शो शुरू हो जाएगा।
देशभर से श्रद्धालु लगातार संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना 10 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद साधु-संत, अखाड़े और कल्पवासी संगम की रेती पर डेरा जमाए हुए हैं और तपस्या कर रहे हैं।
