‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’
इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास का प्रकटीकरण 649 साल पहले काशी के सीर गोवर्धन में हुआ था। इतने सालों के बाद भी उनकी दिव्य आभा से आलोकित होकर यह समाज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संत रविदास का जब धराधाम पर प्रकटीकरण पर हुआ, तब देश विदेशी आक्रांताओं से परेशान था। उन्होंने उस समय भी साधना की पवित्रता और उसे कर्म से बदलने का काम किया था। उन्होंने हर नागरिक को वैष्णव परंपरा के अनुरूप जिस उपासना के लिए प्रेरित किया, वह जीवन में कर्म की प्रधानता, मन की शुद्धता को महत्व देता है।

समाज को जोड़ने का किया कार्य
Sant Ravidas Jayanti 2026: CM योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास के वक्तव्य ‘मन चंगा तो कठौती में चंगा’ का जिक्र किया और कहा कि सब कुछ कर्म पर निर्भर करता है। अच्छा कर्म करेंगे तो अच्छा होगा और बुरा कर्म करेंगे तो बुरा फल पाएंगे। संत रामानंद से दीक्षा प्राप्त करने के बाद कर्म साधना के माध्यम से लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। CM योगी ने समाज में भेदभाव का आरोप लगाने वालों को भी आईना दिखाया।
देश की एकता और संप्रभुता के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा,
यही सद्गुरु रविदास जी महाराज की प्रेरणा है… pic.twitter.com/h35OYMqlGz
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 1, 2026
अलग-अलग जातियों से बनाए 12 शिष्य
सीएम योगी ने कहा -जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने समाज को जोड़ने के लिए मध्य काल में अलग-अलग जातियों से 12 शिष्य बनाए थे। समाज को जोड़ने का जितना बड़ा कार्य उस समय संतों ने किया, वह अद्भुत था। वर्तमान भारत का निर्माण उसी नींव पर हुआ। गुलामी के बंधन को तोड़ने में वही हमारी प्रेरणा रही है।

Sant Ravidas Jayanti 2026: योगी ने चेताया
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी के मन में महापुरुषों, संतों के प्रति मन में श्रद्धा और आदर का भाव होना चाहिए। विभाजनकारी ताकतें बांटेंगी, लेकिन गुलामी कालखंड का स्मरण करते हुए उन्हें सिर उठाने का मौका नहीं देना है। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य साधना से प्राप्त सिद्धि का फल देश को मिलेगा। हम सभी को देश की एकता और संप्रभुता के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। राज्य में सनातन धर्म से जुड़े धर्मस्थलों-महर्षि वाल्मीकि का लालापुर, संत तुलसीदास का राजापुर, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, अयोध्या, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य, मथुरा-वृंदावन, भगवान बुद्ध से जुड़े बौद्ध सर्किट समेत लगभग 1200-1500 स्थानों के पुनरोद्धार के काम किए गए। उन्होंने कहा कि PM मोदी ने सबका प्रयास, सबका विकास की प्रेरणा दी।
