राजीव गांधी की श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे राहुल, प्रियंका और खड़गे
आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 81वीं जयंती है। इस मौके पर संसद में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य सांसदों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

राजीव गांधी के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए राहुल गांधी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर उनके साथ एक पुरानी तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, “एक ऐसा भारत, जहां हर नागरिक को सम्मान मिले, जहां सद्भावना हो और लोकतंत्र और संविधान से देश मजबूती से खड़ा हो। पापा, आपके देखे इस सपने को पूरा करना ही मेरा जीवन लक्ष्य है।”
प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने वीर भूमि पर दी श्रद्धांजलि
इसके अलावा, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी दिल्ली के वीर भूमि पहुंचे, जहां उन्होंने राजीव गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रियंका ने अपने पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रिहान के साथ वीर भूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की, और भावुक होते हुए राजीव गांधी के योगदान को याद किया।
प्रियंका ने X पर लिखा, “विरासत में आपसे करुणा, प्रेम और देशभक्ति का धर्म मिला। हम दोनों हमेशा के लिए ये धर्म निभाएंगे। न कोई तोड़ पाएगा, न कोई रोक पाएगा, न कभी हमारे कदम लड़खड़ाएंगे।”
दूरदर्शी नेता के रूप में याद किए गए राजीव गांधी
कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए उनकी दूरदर्शिता और तकनीकी क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने लिखा, “देश के राजीव, ये थे श्री राजीव गांधी! सबसे युवा प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा, जिनकी दूरदर्शिता के फलस्वरूप ही देश कंप्यूटर-युग में प्रवेश कर सका।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने उन्हें “तकनीकी भारत के शिल्पकार और संचार क्रांति के जनक” के रूप में श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को शिक्षा, संचार और नेतृत्व के अवसर प्रदान किए। उनके द्वारा स्थापित जवाहर नवोदय स्कूल और टेलीफोन सेवा की क्रांति आज भी देश के विकास में सहायक हैं।
युवा प्रधानमंत्री (राजीव गांधी) का सफर
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, जब उनकी मां, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हो गई थी। वे महज 40 साल की उम्र में देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने।
युवा प्रधानमंत्री ने अपने प्रधानमंत्री बनने के बाद शिक्षा, संचार और तकनीकी क्षेत्र में कई बड़े बदलाव किए। उन्होंने स्कूलों में कंप्यूटर की योजना शुरू की, नवोदय विद्यालयों की स्थापना की और हर गांव तक टेलीफोन पहुंचाने के लिए PCO योजना बनाई। उनका सपना था कि भारत 21वीं सदी के लिए तैयार हो, और इस दिशा में उन्होंने कई दूरगामी कदम उठाए।
राजीव गांधी की विरासत
राजीव गांधी की 81वीं जयंती पर आज भी उनका योगदान भारतीय राजनीति, समाज और तकनीकी क्षेत्र में जीवित है। उनकी दूरदर्शिता और फैसलों ने भारत को आधुनिकता की दिशा में एक नया मोड़ दिया। उनकी जयंती पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और आम जनता ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर यह साबित किया कि उनका योगदान आज भी हमारे जीवन का हिस्सा है।
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