President Murmu Rafale flight :अंबाला एयरफोर्स स्टेशन इतिहास के खास क्षणों का गवाह बना, जब देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की ‘सुप्रीम कमांडर’ द्रौपदी मुर्मू ने अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी। यह पहली बार था जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने राफेल में सवार होकर भारतीय वायुसेना के शौर्य का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
राष्ट्रपति के लिए राफेल में विशेष तैयारी
राष्ट्रपति मुर्मू के उड़ान कार्यक्रम के लिए वायुसेना ने विशेष सुरक्षा और तकनीकी इंतजाम किए। उन्हें पहले मिशन से जुड़ा ब्रीफिंग सत्र दिया गया, जिसमें राफेल की क्षमताओं, फ्लाइट कंट्रोल्स, और सुरक्षा उपकरणों की जानकारी शामिल थी। राष्ट्रपति ने G-suit और हेलमेट पहनकर पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी के साथ राफेल के कॉकपिट में प्रवेश किया।
अंबाला एयरबेस से उड़ान भरकर विमान ने करीब 30 मिनट का फ्लाइट ऑपरेशन पूरा किया, जिसमें विभिन्न ऊंचाइयों और गति पर पैंतरे दिखाए गए। उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने भारतीय वायुसेना की तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना की।
स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी फिर सुर्खियों में
उड़ान में राष्ट्रपति के साथ रही स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी एक बार फिर चर्चाओं में हैं। कुछ महीने पहले पाकिस्तान मीडिया ने दावा किया था कि उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना की इस बहादुर पायलट को पकड़ लिया था। हालांकि, भारत ने उस प्रचार को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि शिवांगी पूरी तरह सुरक्षित और ड्यूटी पर हैं।
शिवांगी की मौजूदगी राष्ट्रपति की उड़ान में एक प्रतीकात्मक जवाब थी—कि भारत की बेटियां न सिर्फ सुरक्षित हैं बल्कि देश की सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में डटी हुई हैं।
‘नारी शक्ति’ का संगम
यह उड़ान भारतीय वायुसेना के उस संकल्प का प्रदर्शन थी जो तकनीकी क्षमता के साथ नारी सशक्तिकरण को भी समान गति से आगे बढ़ा रहा है। विमानन इतिहास में राष्ट्रपति मुर्मू की राफेल उड़ान को महिला नेतृत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है।
राफेल की ताकत, जैसे हवा में ईंधन भरने की क्षमता, आधुनिक रडार सिस्टम और मल्टी-रोल हथियारों की रेंज, भारत को एशिया के सबसे मजबूत वायुशक्तियों में शामिल करती है। ऐसे में देश की सर्वोच्च सेनानायक द्वारा इसका अनुभव करना प्रतीक है कि भारत अपने सुरक्षा ढांचे को लेकर पूरी तरह सजग और आत्मनिर्भर है।
उड़ान के बाद राष्ट्रपति का संदेश
अभियान पूरा होने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना न केवल सीमाओं की रक्षा कर रही है, बल्कि साहस और अनुशासन की भावना से हर नागरिक को प्रेरित कर रही है। उन्होंने स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी और उनकी टीम की वीरता की सराहना करते हुए कहा कि यह उड़ान उनके लिए एक अविस्मरणीय क्षण रहेगा।
अंबाला बेस पर रचे गए नए इतिहास ने यह संदेश दिया कि भारत की रक्षा केवल हथियारों की ताकत पर नहीं, बल्कि उसकी बेटियों और नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति पर भी टिकी है। राष्ट्रपति मुर्मू की राफेल उड़ान भारतीय गौरव, तकनीकी दक्षता और महिला शक्ति का अद्भुत संगम बन गई है।
