Pooja Pal political controversy : पार्टी से निकाले जाने के बाद राजनीतिक गलियारे में भूचाल
कौशांबी जिले की चायल विधानसभा से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद उनकी राजनीतिक जिंदगी में भारी बदलाव आ गया है। अप्रैल 2025 में राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के कारण पूजा पर पार्टी में तल्खी बढ़ती गई। हाल ही में विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से निष्कासन का नोटिस भेजा।
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मामला बढ़ा FIR तक
निष्कासन के बाद पूजा पाल के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। आरोप है कि उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया और अनुशासन भंग किया। उनके पति राजू पाल की हत्या के बाद से भी पूजा का रुख विवादास्पद रहा है। उन्होंने अपने एक बयान में अतीक अहमद को माफिया कहा, जो सपा नेतृत्व को नागवार गुजरा।
Pooja Pal political controversy :मुख्यमंत्री से हुई महत्वपूर्ण मुलाकात
सपा से निष्कासन के बाद पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की, जिससे यह अटकलें लगने लगीं कि वह जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे सपा के भीतर बढ़ते असंतोष और आगामी चुनावी समीकरणों का संकेत मान रहे हैं।
Pooja Pal political controversy : स्थानीय और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने साफ कहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी सदस्य को बाहर किया जाएगा। वहीं भाजपा नेताओं ने पूजा के निष्कासन को उचित कदम बताया है और अखिलेश यादव की आलोचना भी की है।
