क्रांतिधरा मेरठ में रविवार को विकास और सियासत, दोनों की तस्वीर एक साथ दिखी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पहले मेरठ मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल को हरी झंडी दिखाई, फिर जनसभा के मंच से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री बनना है तो पहले लोगों के दिल जीतने होंगे। सिर्फ नारे और नौटंकी से कुछ नहीं होगा।
मेट्रो में बच्चों संग सफर, 12,930 करोड़ की परियोजनाएं
मोदी ने शताब्दीनगर स्टेशन से मेरठ साउथ तक मेट्रो में सफर किया। उनके साथ स्कूली बच्चे और डॉक्टर भी मौजूद थे। सफर के दौरान उन्होंने बच्चों से पढ़ाई और सपनों को लेकर बातचीत की।इसके बाद उन्होंने 12,930 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। नमो भारत रैपिड रेल से दिल्ली से मेरठ की 82.15 किमी दूरी अब सिर्फ 55 मिनट में तय होगी। ट्रेन मेरठ मोदीपुरम से चलकर दिल्ली के सराय काले खां तक जाएगी। कुल 13 स्टेशन होंगे, जिनमें दो अंडरग्राउंड और बाकी एलिवेटेड।मेरठ मेट्रो बेगमपुल से मेरठ साउथ तक चलेगी, इसमें 7 स्टेशन बनाए गए हैं।
AI समिट को लेकर कांग्रेस पर निशाना
जनसभा में पीएम मोदी ने दिल्ली में हुए AI सम्मेलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, जिससे देश गर्व महसूस कर रहा है।
लेकिन, उनके मुताबिक कांग्रेस और उसके “इकोसिस्टम” ने इस वैश्विक आयोजन को राजनीति का अखाड़ा बना दिया।
मोदी ने कहा, “मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं — देश तो जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी?”
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
“दिल्ली में क्या TMC, DMK या बसपा ने किया?”
पीएम ने कहा कि दिल्ली में जो हुआ, उसमें न तो Trinamool Congress के लोग शामिल थे, न Dravida Munnetra Kazhagam और न ही Bahujan Samaj Party के।उन्होंने कहा कि “सिर्फ कांग्रेस के कुछ सरफिरे और बेलगाम नेता देश को तबाह करने पर तुले हैं।”
मोदी ने कांग्रेस को वैचारिक रूप से दिवालिया बताते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अब दिशा खो चुकी है।
विकास बनाम राजनीति का संदेश
मेरठ की रैली में साफ दिखा कि पीएम ने विकास परियोजनाओं को सामने रखते हुए विपक्ष पर सीधा हमला बोला। एक तरफ 55 मिनट में दिल्ली पहुंचाने वाली रैपिड रेल की बात, दूसरी तरफ सियासी तंज।सभा स्थल पर समर्थकों की भीड़ थी , और ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी गूंज रहे थे।अब देखना होगा कि मेरठ से दिया गया यह सियासी संदेश आने वाले दिनों में क्या असर दिखाता है। फिलहाल, विकास के ट्रैक पर दौड़ती नई रेल और गरम होती सियासत दोनों चर्चा में हैं।
