असम से लौटे झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन, ‘मिशन असम’ पर टिकी नजरें

jharkhand-politics-cm-hemant-soren-returns-from-assam

असम से लौटे झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन, ‘मिशन असम’ पर टिकी नजरें

असम से लौटे झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन ‘मिशन असम’ पर टिकी नजरें

Jharkhand politics: असम विधानसभा चुनाव में पहली बार पूरी ताकत झोंकने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अब नतीजों का इंतजार कर रही है। 10 दिनों तक लगातार प्रचार करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन हाल ही में राजधानी रांची लौट आए हैं। अब सवाल यह है कि क्या JMM इस बार असम की सियासत में किंगमेकर की भूमिका निभा पाएगी?

10 दिन का JMM का ताबड़तोड़ प्रचार, ‘ग्राउंड पर मजबूती’ का दावा

असम में चुनावी अभियान खत्म करने के बाद रांची लौटते समय सीएम हेमंत सोरेन ने गुवाहाटी में कहा कि उनकी पार्टी ने पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि परिणाम चाहे जो हों, JMM ने जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और अब फैसला जनता के हाथ में है।

[caption id="attachment_143560" align="alignnone" width="1200"]झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का चिन्ह झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का चिन्ह[/caption]

126 में से 18 सीटों पर दांव, रणनीतिक क्षेत्रों पर फोकस

इस चुनाव में JMM ने 126 में से 18 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। भले ही संख्या सीमित है, लेकिन पार्टी ने उन क्षेत्रों को चुना है जो रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। खासतौर पर चाय बागानों में रहने वाले ‘टी-ट्राइब्स’ को केंद्र में रखकर पूरी चुनावी रणनीति तैयार की गई।

चाय बागानों और आदिवासी इलाकों में किया गया जोरदार कैंपेन

बताते चलें कि हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने अपने दौरे के दौरान चाय बागानों, ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कई रैलियां और रोड शो किए। JMM ने ‘पहचान’ और ‘अधिकार’ को मुख्य मुद्दा बनाते हुए टी-ट्राइब्स को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का वादा किया।

[caption id="attachment_145931" align="alignnone" width="1200"]असम के चाय बगान असम के चाय बगान[/caption]

‘आइडेंटिटी पॉलिटिक्स’ पर दिया गया जोर, रणनीति पर बहस

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, JMM ने असम में पारंपरिक मुद्दों से हटकर ‘आइडेंटिटी पॉलिटिक्स’ को केंद्र में रखा। झारखंड से सांस्कृतिक संबंध जोड़ते हुए भावनात्मक अपील भी की गई। हालांकि, असम की जटिल सामाजिक संरचना और मजबूत क्षेत्रीय दलों की मौजूदगी के कारण इस रणनीति की सफलता पर मतभेद भी हैं।

प्रचार के दौरान विवाद भी छिड़ा, लगाए गए आरोप

चुनावी अभियान के दौरान JMM ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर उन्हें सभाओं की अनुमति नहीं दी गई और हेलीकॉप्टर संचालन में बाधाएं डाली गईं। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताते हुए मुद्दा बनाया।

8-10 सीटों पर नजर, ‘किंगमेकर’ बनने की उम्मीद

सीएम सोरेन का दावा है कि अगर JMM 8 से 10 सीटें भी जीतती है, तो वह सत्ता के समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, ‘मिशन असम’ केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।

संबंधित सामग्री

वैश्विक चुनौतियों के बीच किसानों के साथ MP सरकार, 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य

अन्य

वैश्विक चुनौतियों के बीच किसानों के साथ MP सरकार, 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

जुर्म गाथा

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

In Delhi's Kailash Hills, a 22-year-old daughter of an IRS officer was found dead at home. Initial investigations suggest murder; a former house employee is the main suspect.

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

अन्य

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”

सीएम सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिसमें शिक्षकों की नियुक्ति और औद्योगिक विकास शामिल हैं।

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”

अन्य

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”