‘असम की अर्थव्यवस्था को सींचने वालों को अब तक पहचान नहीं’: झारखण्ड सीएम सोरेन ने...

jharkhand-news-cm-hemant-soren-voices-support-for-assam-tea-garden-workers

‘असम की अर्थव्यवस्था को सींचने वालों को अब तक पहचान नहीं’: झारखण्ड सीएम सोरेन ने की ST दर्जे की बड़ी मांग

‘असम की अर्थव्यवस्था को सींचने वालों को अब तक पहचान नहीं’ झारखण्ड सीएम सोरेन ने की st दर्जे की बड़ी मांग

Jharkhand news: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के चाय बागानों में काम कर रहे आदिवासी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा न मिलने पर गंभीर चिंता जताते हुए रविवार को इसे राष्ट्रीय स्तर का बड़ा अन्याय बताया है। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में उन्होंने इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती करार दिया, और कहा कि अब इसे सुधारना जरूरी है।

‘दबी हुई सच्चाई को सामने लाने की जरूरत’, बोले सोरेन

[caption id="attachment_144158" align="alignnone" width="1200"]झारखण्ड सीएम सोरेन झारखण्ड सीएम सोरेन[/caption]

सीएम सोरेन ने कहा कि असम की धरती पर एक ऐसी सच्चाई छिपी हुई है, जिसे जितना उजागर किया जाए, उतना कम है। उन्होंने सवाल उठाया कि पीढ़ियों से चाय बागानों में कठिन परिश्रम कर रहे आदिवासी समाज को आज तक संवैधानिक पहचान क्यों नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि यह समुदाय दशकों से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार हैं।

औपनिवेशिक दौर से जुड़ा है मुद्दा

मुख्यमंत्री सोरेन ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि अंग्रेजों के शासनकाल में इन आदिवासियों को उनके मूल स्थानों से लाकर असम के चाय बागानों में बसाया गया था। आगे उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, उन्हें आज तक उनके अस्तित्व की पहचान नहीं दी गई, जो बेहद चिंताजनक है।

सीएम सोरेन ने सरकारों और राजनीति पर उठाए सवाल

सीएम सोरेन ने इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन इस समुदाय की समस्याएं जस की तस बनी रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़े-बड़े वादे करने वाले नेताओं ने भी इस मुद्दे को प्राथमिकता नहीं दी और यहां तक कि इसे चुनावी घोषणापत्रों में भी जगह नहीं मिली।

[caption id="attachment_145366" align="alignnone" width="1200"]असम के चाय बगान असम के चाय बगान[/caption]

‘न्याय के बिना अधूरा है लोकतंत्र’, सीएम सोरेन ने दिया ज़ोर

मुख्यमंत्री ने अंत में जोर देते हुए कहा कि यह विषय राजनीति से ऊपर है और इसे न्याय, सम्मान और पहचान के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक किसी समाज को उसका अधिकार और न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतंत्र भी पूर्ण नहीं माना जा सकता।

अंत में उन्होंने देशवासियों और सरकार से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस ऐतिहासिक अन्याय को स्वीकार कर इसे दूर किया जाए, ताकि असम के आदिवासी समाज को उनका हक और सम्मान मिल सके।

संबंधित सामग्री

वैश्विक चुनौतियों के बीच किसानों के साथ MP सरकार, 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य

अन्य

वैश्विक चुनौतियों के बीच किसानों के साथ MP सरकार, 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

जुर्म गाथा

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

In Delhi's Kailash Hills, a 22-year-old daughter of an IRS officer was found dead at home. Initial investigations suggest murder; a former house employee is the main suspect.

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

अन्य

दिल्ली में सनसनी: IRS अधिकारी की बेटी की संदिग्ध हालात में मौत, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर हत्या का शक

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”

सीएम सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिसमें शिक्षकों की नियुक्ति और औद्योगिक विकास शामिल हैं।

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”

अन्य

हिमाचल सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, बोले- “30 जून तक CBSE पैटर्न स्कूलों में पूरी होंगी नियुक्तियां”