पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कम क्यों होते हैं हार्ट अटैक के मामले

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पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कम क्यों होते हैं हार्ट अटैक के मामले

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कम क्यों होते हैं हार्ट अटैक के मामले

Gender Difference In Heart Attacks: हार्ट अटैक आज के समय में आम बिमारी बन चुका है। क्योकी हार्ट अटैक अब उम्र नहीं देखता। रोजाना सैकड़ों लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो रही है। जो खतरनाक और आम बीमारियों में से एक बन चुका है. यह तब होता है जब दिल तक जाने वाला ब्लड का फ्लो रुक जाता है. आमतौर पर यह ब्लॉकेज कोरोनरी आर्टरीज में होता है, जहां कोलेस्ट्रॉल, फैट और अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं. इसी स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है, जो हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों की सबसे बड़ी वजह है.

[caption id="attachment_142827" align="alignnone" width="1188"]हार्ट अटैक हार्ट अटैक[/caption]

Gender Difference In Heart Attacks: क्या होता है कारण?

हार्ट अटैक के पीछे कई कारक होते हैं, जिन्हें नजर अंदाज करना भारी पड़ सकता है. हाई कोलेस्ट्रॉल, बढ़ती उम्र, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, जेनेटिक कारण, तंबाकू और शराब का सेवन, ज्यादा तनाव और हार्ट से जुड़ी पुरानी समस्याएं ये सभी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं.

Gender Difference In Heart Attacks: महिलाओं में कम क्यों होता है ज्यादा खतरा?

डॉक्टर की माने तो पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के मामलों में अंतर देखा जाता है. दोनों के लिए यह बीमारी खतरनाक है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों में इसका खतरा ज्यादा होता है. पुरुषों में पहली बार हार्ट अटैक का औसत उम्र करीब 65 साल होती है, जबकि महिलाओं में यह लगभग 72 साल के आसपास देखा जाता है. यानी महिलाओं में यह खतरा पुरुषों के मुकाबले करीब 10 साल देर से बढ़ता है.

अंतर के पीछे क्या है वजह?

इसके पीछे कई संभावित कारण माने जाते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि महिलाओं में मेनोपॉज से पहले हार्ट अटैक का खतरा कम होता है, जिसका एक कारण एस्ट्रोजन हार्मोन हो सकता है. हालांकि, यह पूरी तरह साबित नहीं हुआ है, लेकिन माना जाता है कि यह हार्मोन दिल की सेहत को कुछ हद तक सुरक्षित रखता है. दूसरी ओर, पुरुषों में तंबाकू और शराब का सेवन ज्यादा होता है, जो दिल की बीमारियों का बड़ा कारण है. इसके अलावा, तनाव को संभालने के मामले में भी पुरुषों की क्षमता महिलाओं की तुलना में कम मानी जाती है. लगातार तनाव और मानसिक दबाव दिल पर बुरा असर डालते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है.

कैसे कर सकते हैं बचाव?

लोगों के मन में एक सवाल रहता है की कैसे बचा जा सके। यह समझना जरूरी है कि हार्ट अटैक पूरी तरह रोका जा सकता है, अगर समय रहते सावधानी बरती जाए. नियमित हेल्थ चेकअप कराना, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है. लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ा फर्क ला सकते हैं. हेल्दी डाइट लेना, जिसमें फल और सब्जियां ज्यादा हों और फैट, नमक व शुगर कम हो, दिल के लिए फायदेमंद होता है.

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