Bhopal 90-degree overbridge controversy: पीडब्ल्यूडी मंत्री ने दिए एक्शन के संके...

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Bhopal 90-degree overbridge controversy: पीडब्ल्यूडी मंत्री ने दिए एक्शन के संकेत,जिम्मेदारों को मिलेगा नोटिस

bhopal 90-degree overbridge controversy पीडब्ल्यूडी मंत्री ने दिए एक्शन के संकेतजिम्मेदारों को मिलेगा नोटिस

अजीबोगरीब डिजाइन बना चिंता का कारण

 Bhopal 90-degree overbridge controversy: भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास बना नया रेलवे ओवरब्रिज इस समय विवादों में है। इस ब्रिज में 90 डिग्री का तीखा मोड़ है, जो न केवल असामान्य है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। स्थानीय नागरिकों और ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का डिज़ाइन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है और खासकर तेज़ रफ्तार या भारी वाहनों के लिए घातक साबित हो सकता है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने जताई नाराजगी, जल्द होगा निरीक्षण

मामला मीडिया में आने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो भी अधिकारी या संस्था इसके लिए जिम्मेदार है, उसे नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही उन्होंने खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करने की बात कही है। मंत्री ने यह भी कहा कि डिजाइन बनाने वालों ने जगह की कमी का हवाला दिया है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

18 करोड़ की लागत, लेकिन सुरक्षा पर सवाल

इस ओवरब्रिज का निर्माण 18 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसकी कुल लंबाई 648 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है, जिसमें से 70 मीटर रेलवे के हिस्से का निर्माण है। मई 2022 में शुरू हुआ निर्माण कार्य 18 महीने में पूरा होना था, लेकिन यह सुविधा लोगों को करीब 10 साल बाद मिली है। अब जब यह बनकर तैयार हुआ है, तो इसकी डिज़ाइन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी: बन सकता है ब्लैक स्पॉट

ट्रैफिक और रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि 90 डिग्री का अंधा मोड़ किसी भी रोड प्रोजेक्ट में नहीं होना चाहिए। ऐसे मोड़ खासकर रात के समय और बारिश में एक्सीडेंट का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थान दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट बन सकता है।
एक्सप

जनता में रोष, मांग उठी पुनः डिज़ाइन की

Bhopal 90-degree overbridge controversy:  पुराने भोपाल के लोग जो पिछले एक दशक से इस ब्रिज के पूरे होने का इंतजार कर रहे थे, अब नाराज़ हैं। उनका कहना है कि इतने सालों के इंतजार के बाद भी एक ऐसा ब्रिज बना है जो खतरे को न्योता दे रहा है। अब नागरिक संगठन और स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इस मोड़ का पुनः निरीक्षण हो और यदि संभव हो तो डिज़ाइन में संशोधन किया जाए ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

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