सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर “सोमनाथ अमृत महोत्सव” के तहत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला देखने को मिली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। इस पूरे आयोजन को “सोमनाथ मंदिर 75 साल” के ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसने देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह बढ़ा दिया है।

PM मोदी का रोड शो और विशेष पूजा



नरेंद्र मोदी ने मंदिर पहुंचने से पहले रोड शो किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर परिसर में पहुंचकर उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।इसके बाद रिमोट के माध्यम से शिखर का कुंभाभिषेक किया गया। 11 तीर्थों के जल से शिखर का अभिषेक कर धार्मिक परंपरा को भव्य रूप दिया गया। यह आयोजन “सोमनाथ अमृत महोत्सव” का मुख्य आकर्षण रहा।
11 तीर्थों के जल से शिखर अभिषेक

मंदिर के शिखर पर 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से विशेष कलश स्थापित किया गया। इस कलश में 11 पवित्र तीर्थों का जल रखा गया था।वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह प्रक्रिया पूरी की गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसे सोमनाथ मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
एयर शो और आसमान में तिरंगे की छटा

भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने 15 मिनट का शानदार एयर शो प्रस्तुत किया।जामनगर एयरबेस से उड़ान भरकर विमान लगभग 182 किलोमीटर दूर सोमनाथ पहुंचे। आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएं से तिरंगे की छवि बनी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

सोमनाथ मंदिर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। 1026 में महमूद गजनवी के हमले से लेकर 1951 में पुनर्निर्माण तक यह मंदिर भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक रहा है।आज “सोमनाथ मंदिर 75 साल” पूरे होने पर यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था बल्कि राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक बन गया है।