Delhi Blast Case: दिल्ली धमाकों से जुड़े संदिग्धों की जांच के लिए एनआईए की टीमों ने कश्मीर से लेकर लखनऊ तक आठ जगहों पर छापेमारी की। लखनऊ में एनआईए की टीम खंदारी बाजार स्थित डॉ. शाहीन शाहिद के पिता के आवास पर जांच करने पहुंची। मौके पर पुलिस मौजूद रही। वही शाहीन के परिवार से जांच टीम पूछताछ कर रही है
यूपी में एनआईए ने नवंबर के पहले सप्ताह में सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए डॉ. अदील अहमद राथर के आवास की भी तलाशी ली। इन छापों का उद्देश्य 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल के नेटवर्क का पर्दाफाश करना और इसके संचालन के तरीके को समझना है।
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Delhi Blast Case: क्या है व्हाइट-कॉलर
व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल का तात्पर्य ऐसे आतंकी समूहों से है जो पारंपरिक तरीकों के बजाय वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य सफेदपोश अपराधों के माध्यम से धन जुटाते हैं और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं। इस प्रकार के मॉड्यूल का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है।
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व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा
बता दें कि दिल्ली बम ब्लास्ट में पुलिस के साथ ही अन्य जांच और खुफिया एजेंसियों को हिलाकर रख दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पोस्टर को लेकर छानबीन शुरू की थी। बाद में यह मामला हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंच गया, जहां एक नए और व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ।
7वीं गिरफ्तारी
तकरीबन 3000 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद आतंकवादियों में खलबली मच गई और इसी हड़बड़ी में दिल्ली के लाल किला के पास ब्लास्ट कर दिया गया। ब्लास्ट की जांच में अब 7वीं गिरफ्तारी की गई। जांच में सामने आया कि शोएब ने 10 नवंबर को लाल किले के बाहर हुए कार बम धमाके से पहले उमर को ठिकाना और लॉजिस्टिक मदद दी थी।
आदिल और शाहीन को अल-फलाह लाएगी NIA
उधर, आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. मुजम्मिल शकील से पूछताछ के बाद अब NIA डॉ. आदिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लाएगी। अभी तक की जांच में सामने आया है कि डॉ. आदिल और डॉ. उमर नबी के बीच कई साल से दोस्ती थी, और वे अल फलाह में मिला करते थे।