hadi-murder-protest-dhaka-shahbagh-blockade
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में राजनीतिक तनाव एक बार फिर सतह पर आ गया है. कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के विरोध में उनके समर्थकों ने शुक्रवार को शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक शाहबाग चौराहे को अवरुद्ध कर दिया इस नाकाबंदी के कारण कई घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। Read More:-16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन: मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र को दिया बड़ा सुझाव नमाज के बाद निकला विरोध जुलूस स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार की नमाज के बाद इंकलाब मंचो और जुलाई मंचो के नेताओं व समर्थकों ने छात्रों और आम लोगों के साथ मिलकर ढाका विश्वविद्यालय की केंद्रीय मस्जिद से एक जुलूस निकाला. यह जुलूस बाद में शाहबाग पहुंचा. जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना शुरू कर दिया। शाहबाग में ठप हुई राजधानी की रफ्तार शाहबाग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद मोनिरुज्जमान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब 2:30 बजे चौराहे को पूरी तरह अवरुद्ध कर दियाशाहबाग ढाका का एक रणनीतिक जंक्शन है. जो शहर के कई अहम इलाकों को जोड़ता है । यहां यातायात रुकते ही राजधानी के बड़े हिस्से में जाम की स्थिति बन गई। ‘न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा’ प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इंकलाब मोनचो के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने कहा कि हादी की हत्या के लिए जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता. तब तक यह नाकाबंदी जारी रहेगी, जरूरत पड़ी तो हम रात भर यहीं रहेंगे उन्होंने शाहबाग चौराहे को प्रतीकात्मक रूप से शहीद उस्मान हादी चत्तर घोषित करने की भी घोषणा की। शरीफ उस्मान हादी अवामी लीग और भारत के मुखर आलोचक माने जाते थे। वे पिछले वर्ष हुए छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक सड़क आंदोलनों के प्रमुख चेहरों में शामिल थे. जिन्हें ‘जुलाई विद्रोह’ के नाम से जाना जाता है । इसी आंदोलन के बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर हुई थीबाद में हादी ने इंकलाब मंच की स्थापना की और फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव में उम्मीदवार भी थे।