दिल्ली पुलिस ने किया इंटरनेशनल आर्म्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, पाकिस्तान से कनेक्शन हुआ उजागर

भारी हथियार तस्करी गिरोह का खुलासा

दिल्ली पुलिस ने किया इंटरनेशनल आर्म्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, पाकिस्तान से कनेक्शन हुआ उजागर

दिल्ली पुलिस ने उत्तर भारत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पाकिस्तान और नेपाल बॉर्डर से जुड़े इस गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार।

दिल्ली पुलिस ने किया इंटरनेशनल आर्म्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ पाकिस्तान से कनेक्शन हुआ उजागर

दिल्ली पुलिस ने किया इंटरनेशनल आर्म्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, पाकिस्तान से कनेक्शन हुआ उजागर | None

उत्तर भारत में सक्रिय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का गुरुवार को चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर इस सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार किया है। जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं और हथियार नेपाल बॉर्डर के जरिए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाए जा रहे थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल

स्पेशल सेल ने चलाया बड़ा ऑपरेशन, 9 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो सप्ताह तक चले संयुक्त ऑपरेशन में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के मुख्य सरगना भगोड़ा शाहबाज अंसारी और उसका चाचा रेहान अंसारी बताए जा रहे हैं, जो अभी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और अंतरराष्ट्रीय मार्गों का इस्तेमाल कर तस्करी को अंजाम देता था।

भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पी.एस. कुशवाह के अनुसार, छापेमारी के दौरान 23 अत्याधुनिक हथियार, 92 जिंदा कारतूस, 6 मैगजीन, मोबाइल फोन, लैपटॉप और हथियारों की मरम्मत से जुड़े उपकरण जब्त किए गए। 14 अप्रैल को उस्मानपुर से फरदीन को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से पिस्टल और 9 कारतूस मिले। उसकी निशानदेही पर शास्त्री पार्क से वसीक को पकड़ा गया, जिसके पास से 2 शॉटगन, 1 पिस्टल और 42 कारतूस बरामद हुए।

इसके बाद 17 अप्रैल को खुर्जा से अमन उर्फ अभिषेक, 19 अप्रैल को लोनी से आदिल और 20 अप्रैल को जौनपुर से अहमद को गिरफ्तार किया गया। अहमद के पास से 12 पिस्टल, 39 कारतूस और मरम्मत का सामान मिला।

प्रतीकात्मक तस्वीर

23 और 24 अप्रैल को राहिल, इमरान और आजमगढ़ के विशाल को भी दबोचा गया, जिसने विदेशी हथियारों की सप्लाई की बात कबूली।

ड्रोन और नेपाल बॉर्डर के जरिए होती थी सप्लाई

जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार पंजाब में गिराए जाते थे। इसके बाद इन्हें नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत के अंदर लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह से जुड़े अधिकतर आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं और आर्थिक तंगी के चलते इस अवैध नेटवर्क में शामिल हुए। फरदीन ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और वसीम मलिक के संपर्क में आया, जो पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।

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