श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गिरफ्तारः पत्नी के दीक्षांत समारोह के लिए लंदन गए थे

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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गिरफ्तारः पत्नी के दीक्षांत समारोह के लिए लंदन गए थे

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गिरफ्तारः पत्नी के दीक्षांत समारोह के लिए लंदन गए थे

 श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे गिरफ्तार, सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

sri lanka ex president arrested government fund misuse श्रीलंका की राजनीति में इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया गया हो। रानिल विक्रमसिंघे, जो जुलाई 2022 में देश की आर्थिक तबाही के बीच राष्ट्रपति बने थे, अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं।

 क्या हैं आरोप?

2023 में लंदन यात्रा के दौरान विक्रमसिंघे ने अपनी पत्नी प्रोफेसर मैत्री विक्रमसिंघे के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। आरोप है कि इस यात्रा में उन्होंने सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया। साथ ही, उन्होंने अपने पर्सनल बॉडीगार्ड को भी सरकारी वेतन से भुगतान कराया।

 कैसे हुई गिरफ्तारी?

विक्रमसिंघे शुक्रवार सुबह फाइनेंशियल क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (FCID) पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ हुई। इसके बाद उन्हें कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया और वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। वे श्रीलंका के पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति बन गए हैं जिन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

 विक्रमसिंघे ने क्या सफाई दी?

 मेरी पत्नी ने अपने दीक्षांत समारोह की यात्रा का सारा खर्च खुद उठाया। सरकारी पैसे का दुरुपयोग नहीं हुआ। — रानिल विक्रमसिंघे

 जांच में क्या सामने आया?

CID ने कोर्ट में सबूत पेश किए जिसमें दो पूर्व अधिकारियों के बयान शामिल थे पूर्व निजी सचिव सैंड्रा परेरा पूर्व राष्ट्रपति सचिव समन एकनायके ने इन बयानों में आरोपों की पुष्टि की गई कि यात्रा व्यक्तिगत थी, लेकिन खर्च सरकारी खाते से किया गया।

 लंदन यात्रा कैसे बनी विवाद की वजह?

विक्रमसिंघे 2023 में क्यूबा दौरे पर गए थे, जिसके बाद वे लंदन में रुके। वहां उन्होंने G 77 समिट में हिस्सा लिया और इसी दौरान अपनी पत्नी के दीक्षांत समारोह में भी गए। इस निजी कार्यक्रम को लेकर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगा।

 राजनीतिक करियर का गिरता ग्राफ

2022 में जब श्रीलंका वित्तीय संकट से जूझ रहा था, विक्रमसिंघे को संविधान के तहत राष्ट्रपति बनाया गया था। उन्होंने IMF से राहत पैकेज दिलाकर आर्थिक स्थिरता लाने की कोशिश की, पर जनता का भरोसा खो दिया। 2024 के चुनाव में हार ने उनके राजनीतिक भविष्य पर पहले ही सवाल खड़े कर दिए थे। Read More :- ITR-फाइलिंग: 1 महीने से भी कम टाइम बचा है, फिर लगेगा जुर्माना Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त - क्या जिम्मेदार वही !

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