देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। दिल्ली-NCR से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम और ओडिशा तक कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-NCR में भारी बारिश
दिल्ली-NCR में गुरुवार सुबह से तेज बारिश जारी है। बारिश के कारण द्वारका अंडरपास समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के चलते लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है।
प्रयागराज में 2 हजार छात्रों ने छोड़े हॉस्टल
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है। पिछले तीन दिनों में करीब 205 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शहर के कई इलाकों में पांच फीट तक पानी भर गया है। घरों और हॉस्टलों में पानी घुसने के बाद बुधवार को करीब 2 हजार प्रतियोगी छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिया। प्रयागराज समेत प्रदेश के 9 जिलों में आज भी रेड अलर्ट जारी है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के किनारे बने 100 से ज्यादा मंदिरों में पानी घुस गया है। हरिश्चंद्र घाट की गलियों और सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है, जबकि मणिकर्णिका घाट पर छत पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सतना में बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्तगोदावरी में पानी का स्तर बढ़ गया है। डिंडौरी में नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूट गया है। पन्ना के कई गांवों में भी पानी भर गया है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में करीब 8 इंच तक बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में 4 मौतें
उत्तराखंड में बारिश से जुड़ी घटनाओं में बुधवार को चार लोगों की मौत हुई। मृतकों में दो साल का बच्चा और दिल्ली की 25 वर्षीय महिला भी शामिल हैं। कई जगह लैंडस्लाइड के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। टिहरी डैम का पानी भी वार्निंग लेवल के पार पहुंच गया है। राज्य में इस मानसून सीजन में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है।
हिमाचल में 88 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण 88 सड़कें बंद हैं। इस मानसून सीजन में बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से राज्य को करीब 1,033 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जिसे करीब 750 करोड़ रुपए की क्षति का अनुमान है।
असम और ओडिशा में बाढ़ का असर
असम के गुवाहाटी और जोनाई में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं ओडिशा के छह जिलों के कई गांव पानी में डूब गए हैं। यहां तीन लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राजस्थान और बिहार में बारिश का अलर्ट
राजस्थान के 11 जिलों में गुरुवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का दौर अगले दो दिनों तक जारी रह सकता है। पिछले 24 घंटे में बांसवाड़ा समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बिहार के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट है। राज्य में 21 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पंजाब-चंडीगढ़ में मानसून सक्रिय, हरियाणा में लैंडस्लाइड
पंजाब में सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। चंडीगढ़ में भी बादल छाए रहने और एक-दो बार गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। हरियाणा के मोरनी में लैंडस्लाइड हुआ है। मलबा कालका-शिमला रेल ट्रैक तक पहुंच गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। कुल मिलाकर देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना रहने की संभावना है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।