Mahila Aarakshan: महिला आरक्षण से जुड़े संशोधित बिल के लोकसभा से पारित न हो पाने के बाद प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस मुद्दे पर सरकार ने गंभीर रुख अपनाते हुए 27 अप्रैल, सोमवार को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस सत्र में महिला आरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिसके चलते राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।

Mahila Aarakshan: विपक्ष को घेरने की रणनीति
जानकारी के अनुसार, सरकार इस विशेष सत्र के दौरान केंद्र के रुख पर सवाल उठा सकती है और महिला आरक्षण बिल को लेकर निंदा प्रस्ताव भी ला सकती है। माना जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे को जनहित और महिलाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए विपक्ष को घेरने की रणनीति तैयार कर रही है। वहीं विपक्ष भी इस अवसर को सरकार पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल कर सकता है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
Mahila Aarakshan: अधिसूचना कुछ ही समय में जारी
सूत्रों की माने तो इस विशेष सत्र की आधिकारिक अधिसूचना कुछ ही समय में जारी की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है और इस पर ठोस निर्णय न होने से जनभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में विधानसभा का यह विशेष सत्र न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।
