महाराष्ट्र विधानसभा लॉबी में BJP‑NCP समर्थकों की झड़प
महाराष्ट्र विधानसभा की लॉबी में गुरुवार दोपहर को तेज भिड़ंत हुई, जब भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और NCP (शरद पवार समूह) विधायक जितेंद्र आव्हाड के समर्थक एक-दूसरे से भिड़ गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुई मारपीट की तस्वीरें और वीडियो के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है और अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कार्यवाही और गिरफ्तारी
मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के उल्लंघन और भिड़ंत में योगदान के चलते FIR दर्ज की है। शुरुआती जांच में बीएमसी और विधान भवन की CCTV फुटेज को भी रिकार्ड किया गया है। दो आरोपी समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल झड़प के दृश्य
जब Assembly लॉबी में भाजपा और NCP समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हुई, तो सुरक्षा कर्मी बीच-बचाव को बाधित होते देखे गए। दोनों पक्षों के बीच गाली गलौच, धक्का-मुक्की मची रही, और लोब्बी का माहौल तनावपूर्ण हो गया। वीडियो में हिंसा रुकाने की कोशिश लेकिन अप्रभावी दिखी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
1. रोहित पवार (NCP-SP) का आरोप:
उन्होंने कहा कि झड़प का प्लान पहले से बनाया गया था और व्हाट्सएप ग्रुप पर धमकी दी गई थी। “नए ‘आका’ के समर्थक वहां गुंडागर्दी कर रहे थे,” रोहित ने आरोप लगाया और कहा कि नेता जितेंद्र आव्हाड को उस दिन निशाना बनाया गया।
2. गोपीचंद पडलकर (BJP) का बयान:
BJP विधायक ने कहा, “विधानसभा में हुई हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं और दुख व्यक्त करता हूं।”
3. उद्धव ठाकरे (शिवसेना प्रमुख) की तीखी टिप्पणी:
शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ‘गुंडे’ विधानसभा तक पहुंच सकते हैं, तो गृह मंत्री और CM देवेंद्र फडणवीस “सजग नहीं थे।” उन्होंने पूछा, “क्या विधायक सुरक्षित नहीं हैं तो क्या वो सदन में क्यों बैठेंगे?”

क्या यह सिर्फ एक झटके की घटना है या भयावह संदेश?
राजनैतिक हिंसा अचानक नहीं होती। विधान भवन जैसे संवेदनशील स्थान पर यह घटना लोकतंत्र और विधानशास्त्र के लिए चिंता का विषय है। सवाल उठता है —
- क्या Assembly की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी?
- क्या सियासी निशाना साधना अब हिंसक होकर सार्वजनिक जगहों तक सीमित हो गया है?
- क्या मजबूती से लागू नियमों और त्वरित कार्रवाइयों से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं?
अब आगे क्या?
- FIR दर्ज हो चुकी है और पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।
- Assembly लॉबी की सुरक्षा प्रणाली की जांच की जाएगी।
- राजनीतिक दलों की ओर से शान्ति मांगने की अपील भी शुरू हो गई है।
- विपक्षी दलों द्वारा गृह मंत्री और CM के खिलाफ अनुसंधान पैनल की मांग स्थिर हुई है।
