INDORE NEWS : इंदौर मकान हादसा, प्रशासन या मकान मालिक की लापरवाही!

indore-three-storey-building-collapse-september-2025

INDORE NEWS : इंदौर मकान हादसा, प्रशासन या मकान मालिक की लापरवाही!

indore news  इंदौर मकान हादसा प्रशासन या मकान मालिक की लापरवाही

Indore three-storey building collapse : इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में हाल ही में हुई तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने की घटना ने शहर को झकझोर दिया। यह हादसा न केवल प्रशासन की लापरवाही बल्कि मकान मालिक की अनदेखी का भी सबूत है, क्योंकि किराएदार ने कई दिन पहले ही खतरे की चेतावनी दी थी.

हादसे की कहानी

रानीपुरा की भीड़-भाड़ वाली गली में बनी एक पुरानी तीन मंजिला इमारत अचानक गिर गई। घटना के वक्त कई लोग रोज के काम-काज में व्यस्त थे। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हुई और 12 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिन्हें प्रशासन ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया.

किराएदार की चेतावनी और  अनसुनी

इस मकान में किराएदार शशांक गुप्ता ने मकान मालिक सम्मु अंसारी को आठ दिन पहले ही इमारत की हालत देखकर कई बार चेतावनी दी थी कि बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है और कभी भी गिर सकती है। और शशांक के गोदाम का शटर अपने आप नीचे की ओर धसने लगा था, जिससे उन्हें खतरे का अंदेशा हुआ. लेकिन मकान मालिक ने चेतावनी को हल्के में लिया और कोई कार्रवाई नहीं की.

फ्लोर बढ़ता गया, खतरा बढ़ता गया

यह इमारत गैरकानूनी रूप से कमजोर कॉलम और जर्जर नींव पर बनी थी तल मंजिल पर मनमाने तरीके से दुकानें खोली गईं. नगर निगम की सूची में यह इमारत खतरनाक भवनों में शामिल नहीं थी, जबकि इसे कई बार खतरे की तरफ इशारा किया गया था.

प्रशासनिक लापरवाही !

जांच में सामने आया कि इमारत के तलघर में लंबे समय से पानी भरने के कारण नींव कमजोर हो गई थी. रहवासी लगातार नगर निगम से मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। सिस्टम की गंभीर लापरवाही के कारण ही हादसा हुआ. READ MORE :ट्रेन में सफर करने वाले यात्री ध्यान दें, झांसी स्टेशन पर कार्य के कारण कई ट्रेनों में होगा बदलाव

प्रभावित परिवार और बचाव अभियान

मकान मालिक के परिवार के 22 सदस्य इमारत में रहते थे, लेकिन हादसे के समय आठ लोग बाहर थे, जिससे जान का बड़ा नुकसान टल गया. दुकानें त्योहार के कारण समय से पहले बंद कर दी गई थीं, जिससे दुकानदार और कर्मचारी भी बच गए.  इंदौर बिल्डिंग हादसा एक भयावह उदाहरण है कि जब चेतावनियों और खतरों को अनदेखा किया जाता है, तो इसकी कीमत इंसान और संपत्ति से चुकानी पड़ती है। प्रशासनिक नजरअंदाजी और अवैध निर्माण जैसी लापरवाहियों ने दुखद घटना को और गंभीर बना दिया है। ऐसी घटनाओं पर समय रहते कैसे रोक लगाई जाए. पूरी खबर पढ़े-3 मंजिला इमारत गिरने से 2 की मौत,12 से ज्यादा घायल

संबंधित सामग्री

उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश

उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीति से चौरई के 64 किसानों को मिलेंगे लगभग एक करोड़ रुपये, सभी मंडियों में समय-सीमा में हो भुगतान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई।

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं, प्रदेश में 7 मई  से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा।

बरेली: जिम ट्रेनर ने महिला डॉक्टर को नशीला पदार्थ देकर किया रेप, वीडियो बनाकर मांगी 50 लाख की रंगदारी

जुर्म गाथा

बरेली: जिम ट्रेनर ने महिला डॉक्टर को नशीला पदार्थ देकर किया रेप, वीडियो बनाकर मांगी 50 लाख की रंगदारी

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक जिम ट्रेनर ने महिला डॉक्टर को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया और ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठे।

वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा दिया, कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी

देश-विदेश

वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा दिया, कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी

केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान दर्जा देने का फैसला लिया। इसके लिए नए नियम और प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं।

हिमाचल में EVM पर सियासी घमासान तेज: सीएम सुक्खू के बाद उद्योग मंत्री चौहान ने निष्पक्ष चुनावों पर उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में EVM पर सियासी घमासान तेज: सीएम सुक्खू के बाद उद्योग मंत्री चौहान ने निष्पक्ष चुनावों पर उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश में ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बहस तेज कर दी है।