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भोपाल के अनंतपुरा में 99 एकड़ सरकारी जमीन कब्जा मामला-मछली परिवार पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, टीएंडसीपी अप्रूवल नहीं, पूरी कॉलोनी जांच के घेरे में!

भोपाल के अनंतपुरा में 99 एकड़ सरकारी जमीन कब्जा मामला-मछली परिवार पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन टीएंडसीपी अप्रूवल नहीं पूरी कॉलोनी जांच के घेरे में

illegal plotting on government land : भोपाल के अनंतपुरा और कोकता बायपास क्षेत्र में मछली परिवार और उसके करीब 20 सहयोगियों पर लगभग 99 एकड़ सरकारी जमीन कब्जा करने और उस पर कॉलोनी विकसित करने का आरोप है. जांच के दौरान प्रशासन ने कई मकानों, दुकानों, स्कूल, पेट्रोल पंप सहित 2-3 कॉलोनी को अवैध घोषित किया है. मछली परिवार की आलीशान कोठी पहले ही प्रशासन द्वारा गिराई जा चुकी है, और अब कई अन्य मकानों पर कार्रवाई जारी है.

जांच प्रक्रिया और टीएंडसीपी अप्रूवल पर सवाल

प्रशासन ने सीमांकन के लिए तीन राजस्व निरीक्षक और 12 पटवारी तैनात किए हैं, और पूरे क्षेत्र का सीमांकन कर कब्जे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. सबसे चौंकाने वाले खुलासे में यह सामने आया कि जिन कॉलोनियों पर अतिक्रमण मिला है, उनका टीएंडसीपी अप्रूवल भी हुआ था, जिससे सरकारी प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

अपराध और राजनीतिक संबंध

मछली परिवार के 14 सदस्यों पर ड्रग तस्करी, अवैध हथियार कारोबार, अवैध निर्माण, और गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें रेप, धमकी, पास्को एक्ट जैसी धाराएं भी शामिल हैं, जिससे इस पूरे कब्जे का आपराधिक नेटवर्क उजागर हुआ है. परिवार के सदस्यों के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ाव और लगातार जांच से इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है.

प्रभावित नागरिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई

सरकारी जमीन पर घर और प्लॉट खरीदने वाले आम लोगों के लिए स्थिति भयावह हो गई है. प्रशासन ने अवैध प्लॉट्स, घरों पर लाल निशान लगाकर लोगों को सूचित किया है, जिससे नागरिकों में डर और असमंजस की स्थिति है. अब ये जमीनें कोर्ट की प्रक्रिया और प्रशासनिक रिपोर्ट के तहत जांच के दायरे में हैं.

आगे की राह

जिला प्रशासन ने 20 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किया है, और अगले कुछ दिनों में विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी. कलेक्टर स्तर पर पूरे मामले को देखा जा रहा है, और अन्य अवैध संपत्तियों के खिलाफ भी बुलडोजर कार्रवाई जारी है.

भोपाल के अनंतपुरा क्षेत्र में 'मछली' कनेक्शन द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग व निर्माण का मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसमें आपराधिक नेटवर्क, राजनीतिक कनेक्शन और सरकारी प्रक्रिया में लापरवाही साफ नजर आ रही है.

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