साइबर सब रजिस्ट्रार दफ्तर का शुभारंभ, CM डॉ. मोहन बोले - नया दौर शुरू होने जा रहा

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साइबर सब रजिस्ट्रार दफ्तर का शुभारंभ, CM डॉ. मोहन बोले - नया दौर शुरू होने जा रहा

साइबर सब रजिस्ट्रार दफ्तर का शुभारंभ cm डॉ मोहन बोले - नया दौर शुरू होने जा रहा

Cyber Sub-Registrar Office MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के IG पंजीयन कार्यालय में साइबर सब रजिस्ट्रार दफ्तर का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दस्तावेजों का फेसलेस रजिस्ट्रेशन होने से गलतियों में कमी आएगी। लोग ठप्पे और छापे लगवाकर अक्सर परेशान होते थे। जो साइन कर सकते है उनसे भी अंगूठा लगवाया जाता था। लेकिन अब नई पीढ़ी के लिए यह नया दौर शुरू होने जा रहा है। 

साइबर सब रजिस्ट्रार दफ्तर का शुभारंभ

4.95 लाख दस्तावेजों की रजिस्ट्री

अभी तक 14.95 लाख दस्तावेजों की रजिस्ट्री की जी चुकी है। अब नई तकनीक से व्यवस्था में और सुधार हो सकेगा। CM ने कहा कि जहां विकास की गुंजाइश है, वहां विकास PM नरेंद्र मोदी के निर्देशन में हो रहे हैं और इसमें पारदर्शिता भी रखी जा रही है। बैंक वाला बैंक में, पंजीयन वाला पंजीयन में और दस्तावेज रजिस्टर कराने वाले कहीं भी बैठकर अपने दस्तावेज को रजिस्टर करा सकेगा। पंजीयन के जरूरी काम साइबर पंजीयन से हो सकेंगे और जो आरोप लगते हैं, साथ ही उससे बचने का मौका मिलेगा।

Cyber Sub-Registrar Office MP: पूरी व्यवस्था वर्चुअल

शुरुआती चरण में ये सेवाएं IG पंजीयन कार्यालय से शुरू की जाएंगी, जिन्हें बाद में जिला स्तर पर इसे लागू किया जाएगा। पंजीयन अधिकारियों के मुताबिक, संपदा-2.0 सॉफ्टवेयर की शुरुआत के बाद यह सुविधा शुरू की जा रही है।

यह पूरी व्यवस्था वर्चुअल होगी, जिसमें स्लॉट बुकिंग से लेकर डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन तक की प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। इस सुविधा के तहत मध्यप्रदेश, अन्य राज्यों या विदेश में रहने वाले लोग भी साइबर रजिस्ट्री के माध्यम से अपने डॉक्यूमेंट का पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार अलग से पंजीयन शुल्क भी ले सकेगी।

[caption id="attachment_134616" align="alignnone" width="1349"] CM डॉ. मोहन बोले - नया दौर शुरू होने जा रहा CM डॉ. मोहन बोले - नया दौर शुरू होने जा रहा[/caption]

पहचान पत्र जरूरी

फेसलेस रजिस्ट्री के लिए पक्षकारों को आधार नंबर देना जरूरी होगा। वर्चुअल प्रक्रिया के दौरान AI सिस्टम के माध्यम से वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद किसी एक पहचान पत्र- जैसे वोटर ID, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस मांगा जाएगा। AI सिस्टम वीडियो, आधार फोटो और ID के फोटो का मिलान करेगा। सभी विवरण सही पाए जाने पर ही साइबर रजिस्ट्री संभव होगी।

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